कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे में शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों में मिली जमानत

Kanpur News: शहर के हाई-प्रोफाइल वीआईपी रोड हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को एसीएमएम (ACMM) कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। पुलिस ने बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम को आज सुबह ही गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया। शिवम को महज 20,000 रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।

अदालत के अंदर का नजारा काफी दिलचस्प रहा। शिवम मिश्रा ने अपना वकील करने के बजाय खुद अपनी पैरवी की। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट को बताया कि उन्हें सही तरीके से नोटिस नहीं दिए गए। जब कोर्ट ने जांच अधिकारी (विवेचक) से दो बार नोटिस देने का सबूत मांगा, तो पुलिस कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाई। नोटिस प्रक्रिया में खामी और पुलिस की ढिलाई को देखते हुए अदालत ने शिवम को रिहा कर दिया, हालांकि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे में शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों में मिली जमानत

भले ही शिवम को कोर्ट से राहत मिल गई हो, लेकिन पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डीसीपी अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, वायरल वीडियो और फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो चुका है कि 12 करोड़ की लैंबॉर्गिनी को शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। हादसे के बाद बचाव पक्ष ने ‘मोहन लाल’ नाम के एक शख्स को डमी ड्राइवर बनाकर पेश करने की कोशिश की थी, ताकि रसूखदार मालिक को बचाया जा सके। लेकिन पांच पुलिस टीमों की छानबीन ने इस साजिश की हवा निकाल दी।

बता दें कि कुछ दिनों पहले वीआईपी रोड पर बेलगाम दौड़ती करोड़ों की लैंबॉर्गिनी ने कई लोगों को रौंद दिया था, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। बंशीधर टोबैको ग्रुप का नाम जुड़ने की वजह से यह मामला पूरे देश की सुर्खियों में बना हुआ है।

Also Read: मोहन भागवत ने वेटरिनरी डॉक्टरों को बताया पॉलिसी मेकर, बोले- भावनाओं से नहीं ज्ञान से निकले समाधान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.