UP STF ने 100 करोड़ की GST चोरी करने वाले गिरोह के 2 सदस्य किए गिरफ्तार, पूछताछ में बड़ा खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ को आर्थिक अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। कूटरचित दस्तावेजों (Forged Documents) के जरिए फर्जी फर्में पंजीकृत कर और फर्जी इनवॉइस/ई-वे बिल के माध्यम से सरकार को करोड़ों का राजस्व घाटा पहुँचाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को एसटीएफ फील्ड इकाई नोएडा ने दबोच लिया है। पकड़े गए अभियुक्त दिल्ली के रहने वाले हैं।

कैसे होता था ‘100 करोड़’ का फर्जीवाड़ा?

पकड़े गए अभियुक्त संदीप कुमार और अमन उपाध्याय ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ये लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पोर्टल पर ऐसी फर्में रजिस्टर करते थे, जिनका जमीन पर कोई वजूद नहीं होता था। बिना किसी माल की खरीद-बिक्री के ये फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल काटते थे। इन फर्जी बिलों को वास्तविक फर्मों को बेचा जाता था, जिससे वे फर्में सरकार से भारी-भरकम ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ का लाभ ले लेती थीं। लेन-देन को असली दिखाने के लिए ये कई बोगस फर्मों के बीच बैंक ट्रांजेक्शन करते थे और बाद में उसे कैश में तब्दील कर लेते थे।

बरामदगी और गिरफ्तारी

एसटीएफ की टीम ने इनके पास से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

उपकरण: 02 लैपटॉप, 03 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड (फर्जी पते पर लिए गए)।

अन्य: फर्जी मोहरें, आधार कार्ड, पैन कार्ड और नगदी।

खलीलाबाद से दिल्ली तक जुड़े तार

इस गिरोह का खुलासा तब शुरू हुआ जब संतकबीर नगर के थाना खलीलाबाद में ‘यादव इंटरप्राइजेज’ नाम की फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। एसटीएफ ने तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से दिल्ली-एनसीआर में जाल बिछाया और इन जालसाजों को नोएडा कार्यालय में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड ‘सौरभ’ और अन्य साथियों की तलाश कर रही है। साथ ही, उन वास्तविक फर्मों की भी पहचान की जा रही है जिन्होंने इन फर्जी बिलों का उपयोग कर टैक्स चोरी की है।

Also Read: लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी में 20 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, गोमती नगर और चिनहट में बिल्डिंग सील

Get real time updates directly on you device, subscribe now.