विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, 30 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा है मामला

Sandesh Wahak Digital Desk: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम जमानत दे दी है। 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में राजस्थान की उदयपुर सेशन कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद भट्ट दंपत्ति ने देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाईं ये सख्त शर्तें

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि दंपत्ति को बेल बॉन्ड पर रिहा किया जाए। हालांकि, जमानत के साथ कोर्ट ने कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं।

पासपोर्ट सरेंडर: विक्रम और श्वेताम्बरी को अपना पासपोर्ट पुलिस के पास जमा करना होगा।

दिल्ली में रहना होगा: जांच के दौरान उन्हें दिल्ली में ही रुकना होगा, वे शहर छोड़कर नहीं जा सकते।

जांच में सहयोग: कोर्ट ने साफ कहा है कि उन्हें पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा।

पैसा वापस करने का निर्देश: कोर्ट ने धोखाधड़ी की रकम को जल्द से जल्द लौटाने का भी निर्देश दिया है।

यह पूरा मामला इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, डॉ. मुर्डिया अपनी पत्नी की बायोपिक (Biopic) बनवाना चाहते थे, जिसके लिए उनकी मुलाकात विक्रम भट्ट से हुई। दोनों के बीच कुल 4 फिल्मों के निर्माण का समझौता हुआ, जिसमें मुर्डिया ने करीब 44.29 करोड़ रुपये का निवेश किया। आरोप है कि कुछ फिल्मों की शूटिंग तो शुरू हुई, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जब डॉ. मुर्डिया ने अपना पैसा वापस मांगा, तो विक्रम भट्ट टालमटोल करने लगे, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुँचा।

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