अमेठी में ‘बीमा’ के नाम पर बड़ी लूट, ठग ने झटके 42 लाख रुपये, 11 साल पुरानी पॉलिसी बनी जाल
Sandesh Wahak Digital Desk: सावधानी हटी और दुर्घटना घटी यह कहावत अमेठी के बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के ब्यौरेमऊ गांव निवासी राम मिलन के साथ सच साबित हुई। बीमा की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर एक शातिर ठग ने उनसे किस्तों में कुल 42 लाख रुपये की ठगी कर ली। अब पीड़ित ने थाने के चक्कर काटकर न्याय की गुहार लगाई है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का यह खेल?
राम मिलन ने साल 2014 में मैक्स इंश्योरेंस कंपनी से एक बीमा पॉलिसी ली थी। दो साल बाद उनके एजेंट की मौत हो गई, जिससे प्रीमियम जमा करने में दिक्कत आने लगी और पॉलिसी ठंडे बस्ते में चली गई। करीब सात साल बाद यानी 2021 में, राहुल जैन नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसने दावा किया कि राम मिलन की पॉलिसी की वैल्यू अब 25 लाख रुपये हो गई है, जिसे ‘टैक्स’ भरकर निकाला जा सकता है।
लालच नहीं, मजबूरी का फायदा उठाया
आरोपी राहुल जैन ने राम मिलन को भरोसे में लिया और टैक्स के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे डलवाना शुरू कर दिया। ठगी का सिलसिला इतना लंबा चला कि राम मिलन ने धीरे-धीरे 42 लाख रुपये जालसाज के खाते में भेज दिए। हद तो तब हो गई जब पिछले साल 6 अगस्त 2025 को भी उनसे करीब 1.95 लाख रुपये ठग लिए गए।
बीमारी का बहाना और फिर फोन बंद
जब राम मिलन ने अपने पैसे वापस मांगे, तो राहुल जैन कभी बीमारी का बहाना बनाता तो कभी तकनीकी दिक्कत का। कुछ समय बाद आरोपी ने अपना फोन पूरी तरह स्विच ऑफ कर लिया। तब जाकर राम मिलन को अहसास हुआ कि 25 लाख के चक्कर में उन्होंने अपनी जेब से 42 लाख रुपये गंवा दिए हैं।
बाजार शुकुल के थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर राहुल जैन के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और फोन नंबरों की जांच कर रही है जिनके जरिए यह पूरा खेल खेला गया।
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