आचार्य नरेन्द्र देव की 70वीं पुण्यतिथि: अखिलेश यादव बोले- उनके दिखाए रास्ते पर चलने को संकल्पित है सपा
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रख्यात समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी आचार्य नरेन्द्र देव की पुण्यतिथि पर आज लखनऊ में गोमती तट स्थित उनकी समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आचार्य जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का ‘अजातशत्रु’ बताया।
‘सादगी और राष्ट्र सेवा के प्रतीक थे आचार्य जी’
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में कहा कि देश में समाजवादी आंदोलन की नींव आचार्य नरेन्द्र देव के नेतृत्व में ही पड़ी थी। वे न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि एक प्रखर शिक्षाविद और बौद्ध दर्शन के गंभीर विद्वान भी थे। अखिलेश यादव ने कहा “आचार्य जी का जीवन सादगी और शुचिता की मिसाल था। उन्होंने हमेशा किसान-मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ी और समाजवाद की ऐसी व्याख्या की जो आज भी प्रासंगिक है। समाजवादी पार्टी उनके सिद्धांतों पर चलने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।”

शिक्षा और संविधान के प्रति अटूट निष्ठा
आचार्य ने काशी विद्यापीठ के आचार्य और लखनऊ एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति के रूप में शिक्षा जगत को नई दिशा दी। वे धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक समाजवादी व्यवस्था के प्रबल पक्षधर थे। देश की आजादी की लड़ाई में वे कई बार जेल भी गए, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

समाधि स्थल पर जुटे दिग्गज और परिवार के सदस्य
आज लखनऊ में मोती महल के पीछे स्थित उनकी समाधि पर एक भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए। इस भावुक क्षण में आचार्य जी के परिवार से श्री यशोवर्धन, मीरावर्धन, देवक वर्धन, प्रियांशी अग्रवाल और देविका वर्धन भी मौजूद रहे।
मोती महल ट्रस्ट के महामंत्री राजेश सिंह, सपा महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भी अपने प्रिय नेता को याद किया। आचार्य नरेन्द्र देव का विचार आज भी समाजवादी आंदोलन के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह है, जिसे समाजवादी पार्टी अपनी नीतियों के जरिए जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहरा रही है।

