Supreme Court में सोनम वांगचुक की NSA हिरासत पर सुनवाई, केंद्र को मिले अतिरिक्त 10 मिनट

Sandesh Wahak Digital Desk: लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की NSA हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई आज Supreme Court में दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई, जब केंद्र सरकार ने अतिरिक्त समय की मांग कर ली। Court ने पहले ही संकेत दिया था कि यह सुनवाई अनंत समय तक नहीं चल सकती, लेकिन इसके बावजूद केंद्र को 10 मिनट का अतिरिक्त समय देने पर सहमति दे दी। अब यह मामला सोमवार के लिए टल गया है।

आज की सुनवाई में सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिवाद दलीलें पूरी कीं। Court की योजना थी कि आज ही सुनवाई समाप्त कर दी जाए, लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पिछली सुनवाई में उठे वीडियो ट्रांसलेशन के मुद्दे पर उन्हें और दलीलें रखनी हैं।

केंद्र ने क्यों मांगा अतिरिक्त समय?

Supreme Court में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कुछ और समय देने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि वे उन वीडियो और बयानों के अनुवाद को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, जिन्हें सोनम वांगचुक की हिरासत का आधार बनाया गया है। मेहता ने कहा कि एक 40 मिनट का वीडियो है और उन्हें उसके अनुवाद से जुड़े आरोपों पर जवाब देना है।

याचिकाकर्ता की ओर से कड़ा विरोध

केंद्र की इस मांग का याचिकाकर्ता गीतांजलि जे अंग्मो की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अपने काउंटर एफिडेविट में इन आरोपों का जवाब तक नहीं दिया है, इसलिए अब नई दलील के नाम पर अतिरिक्त समय नहीं दिया जाना चाहिए। सिब्बल ने तर्क दिया कि जब आरोपों का जवाब काउंटर में नहीं दिया गया, तो इसे स्वीकार माना जाना चाहिए और यह मामला यूं ही लंबा नहीं खिंच सकता।

इस दौरान वांगचुक की पत्नी ने भी अतिरिक्त समय दिए जाने पर आपत्ति जताई। हालांकि जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि सुनवाई लंबी नहीं खिंच सकती, लेकिन केंद्र को थोड़ा समय और दिया जाएगा। Court ने अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय कर दी।

कोर्ट में जमा हुआ पेनड्राइव

पिछली सुनवाई में Court ने निर्देश दिया था कि वांगचुक को दिए गए वीडियो वाली पेनड्राइव को सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा किया जाए। आज वह पेनड्राइव Court को सौंप दी गई। अंग्मो का दावा है कि वांगचुक को आठ में से केवल चार वीडियो ही उपलब्ध कराए गए थे।

कपिल सिब्बल ने कहा कि अब जमा की गई स्टोरेज डिवाइस से स्पष्ट हो जाएगा कि वे चार वीडियो वास्तव में उसमें शामिल हैं या नहीं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने बहस को समाप्त करने के लिए खुद पहल करते हुए कहा कि वे स्वयं उन वीडियो को देखेंगे। Court ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार का संदेह हुआ तो दोनों पक्षों से सीधे सवाल किए जाएंगे। जिसके बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी, जहां केंद्र को अपनी दलीलें रखने का अंतिम अवसर मिलेगा।

 

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