केशव और ब्रजेश पाठक ने की मोहन भागवत से मुलाकात, क्या 2027 के लिए बन रहा है ‘सीक्रेट प्लान’?
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस समय ‘सियासी तापमान’ अपने चरम पर है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान मुलाकातों का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी गुरुवार सुबह संघ प्रमुख से मुलाकात की।
निराला नगर में हुई अहम मुलाकात
गुरुवार सुबह दोनों डिप्टी सीएम एक साथ निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. भागवत ने दोनों नेताओं से अलग-अलग करीब 15-15 मिनट बात की।
संघ प्रमुख से मिलने जाने से पहले ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर 101 बटुकों का सम्मान किया, जिसे उनकी ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की छवि और ब्राह्मण कार्ड से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछड़ा वर्ग के बड़े चेहरे के रूप में केशव मौर्य की मुलाकात को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
बुधवार रात योगी के साथ हुई थी लंबी चर्चा
इससे पहले बुधवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भागवत के साथ बंद कमरे में करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चर्चा की थी। अयोध्या में पिछले साल हुई 90 मिनट की मुलाकात के बाद, लखनऊ की यह बैठक यूपी की राजनीति के भविष्य के लिए निर्णायक मानी जा रही है।
विपक्ष के PDA का काट तलाशेगा संघ?
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जिस तरह ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा बुलंद कर रहे हैं, उसने बीजेपी और संघ को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने पर मजबूर किया है।
संघ प्रमुख ने अपने कार्यक्रमों में बार-बार हिंदुओं की एकजुटता और सामाजिक सद्भाव की बात कही है। चर्चा है कि संघ और बीजेपी मिलकर 2027 के लिए एक ऐसा प्लान तैयार कर रहे हैं, जो विपक्ष के जातीय ध्रुवीकरण को ‘सामाजिक समरसता’ के एजेंडे से मात दे सके।
क्यों खास है यह दौरा?
संघ प्रमुख का गोरखपुर के बाद लखनऊ आना और यहाँ कुटुंब सम्मेलन, युवा संवाद और प्रमुखजन संवाद जैसे कार्यक्रमों के जरिए समाज के हर वर्ग से सीधे जुड़ना, यह बताता है कि संघ अब सीधे जमीन पर उतरकर 2027 की नींव मजबूत करना चाहता है।
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