श्रावस्ती में खूनी डकैती: बदमाशों ने घर के मुखिया को उतारा मौत के घाट, बहू के बयान ने उलझाई कत्ल की गुत्थी
Sandesh Wahak Digital Desk: श्रावस्ती जनपद के हरदत्त नगर गिरन्ट थाना क्षेत्र के भजोरे पुरवा गांव में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे चीख-पुकार मच गई। चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने गांव के बाहर बने एक मकान को अपना निशाना बनाया। मामला लूटपाट से शुरू हुआ था, लेकिन गृहस्वामी के विरोध ने इसे खूनी खेल में बदल दिया।

विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला
जानकारी के मुताबिक, बदमाश घर में रखे जेवरात और नकदी समेट रहे थे, तभी घर के मुखिया नेमराज पाठक की नींद खुल गई। उन्होंने साहस दिखाते हुए बदमाशों को रोकने की कोशिश की, जिससे बौखलाए हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। नेमराज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अपने पिता को लहूलुहान देख उनका मंदबुद्धि बेटा सुनील पाठक उन्हें बचाने दौड़ा, लेकिन बदमाशों ने उसे भी गंभीर रूप से घायल कर दिया।
बहू के बयान पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू घर की बहू लक्ष्मी पाठक का बयान है। लक्ष्मी दूसरे कमरे में सो रही थी। उसका कहना है कि वह डर के मारे बेड के नीचे छिप गई थी और बदमाशों के जाने के बाद बाहर निकली।
ग्रामीणों और पुलिस को यह बात हजम नहीं हो रही कि बगल के कमरे में इतनी बड़ी वारदात हो गई, ससुर की हत्या कर दी गई और बहू को भनक तक नहीं लगी? गांव में दबी जुबान से यह चर्चा भी है कि मामला सिर्फ डकैती का नहीं है। सूत्रों की मानें तो परिवार के ही किसी सदस्य के प्रेम प्रसंग के चलते इस साजिश को डकैती का रूप दिया गया हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई: दो टीमें गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) राहुल भाटी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया प्रथम दृष्टया यह डकैती और हत्या का मामला लग रहा है। हमने खुलासे के लिए दो विशेष टीमें गठित कर दी हैं। बहू के बयान और प्रेम प्रसंग समेत सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।
उठते सवाल
क्या यह महज एक इत्तेफाक था कि बदमाश सीधे नेमराज के कमरे तक पहुंचे? या फिर डकैती की आड़ में रची गई यह कोई गहरी साजिश थी? पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस हत्याकांड के पीछे का असली सच सामने आ पाएगा।
रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा
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