जाने, कौन हैं वकील Neal Katyal? जिन्होंने ट्रम्प के टैरिफ प्लान को कर दिया ध्वस्त
Sandesh Wahak Digital Desk : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक पारस्परिक शुल्कों (रेसिप्रोकल टैरिफ) को रद्द कर दिया। इस महत्वपूर्ण मामले में भारतीय मूल के प्रतिष्ठित अमेरिकी वकील नील कटयाल ने चुनौती देने वाले छोटे कारोबारियों की ओर से पैरवी की और शानदार जीत हासिल की।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा लिखे गए और पांच अन्य जजों द्वारा समर्थित इस फैसले में कहा गया कि टैरिफ दरें तय करने की शक्ति कांग्रेस के पास है, जब तक कि इसे स्पष्ट रूप से राष्ट्रपति को हस्तांतरित न किया गया हो। 6-3 के इस फैसले को कार्यपालिका की शक्तियों पर संवैधानिक सीमाओं के एक मजबूत बयान के रूप में देखा जा रहा है।

कौन हैं नील कटयाल?
नील कटयाल (Neal Katyal) अमेरिका के सबसे प्रमुख अपील वकीलों में से एक हैं। उनका जन्म शिकागो में भारतीय आप्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज से सरकार और भारतीय इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की और उसके बाद येल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की।
कटयाल ने शिक्षा जगत और सार्वजनिक सेवा में फैले एक विशिष्ट कानूनी करियर का निर्माण किया है। वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और पहले अमेरिका के कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के सामने लगभग 50 मामलों में दलीलें पेश की हैं, जो एक दुर्लभ उपलब्धि है। 53 वर्ष की आयु तक, वे अमेरिकी इतिहास में किसी भी अल्पसंख्यक वकील की तुलना में सबसे अधिक सुप्रीम कोर्ट के मामलों में पेश हुए थे। उन्हें अमेरिकी न्याय विभाग के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘एडमंड जे रैंडोल्फ अवार्ड’ और ‘द अमेरिकन लॉयर’ के ‘लिटिगेटर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कैसे जीता यह मामला?
इस केस में नील कटयाल ने उन छोटे कारोबारियों का प्रतिनिधित्व किया, जिन्होंने ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को चुनौती दी थी। फैसले के बाद कटयाल ने इसे चुनौती देने वालों के लिए “पूर्ण और संपूर्ण जीत” बताया। उन्होंने कहा कि अदालत का संदेश स्पष्ट है: “राष्ट्रपति शक्तिशाली होते हैं, लेकिन हमारा संविधान उससे भी अधिक शक्तिशाली है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका में केवल कांग्रेस के पास कर लगाने का अधिकार है और टैरिफ प्रभावी रूप से अमेरिकी जनता पर एक कर है।
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कटयाल (Neal Katyal) ने इस फैसले के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मामले अक्सर 5-4 से तय होते हैं, लेकिन इस बार 6-3 से फैसला आया, जिसमें ट्रंप द्वारा नियुक्त दो जजों ने भी उनके खिलाफ फैसला सुनाया। उन्होंने इसे राजनीति से ऊपर उठकर शक्तियों के पृथक्करण और सरकार की संवैधानिक संरचना को बनाए रखने वाला फैसला बताया।

