लखनऊ में CBI का बड़ा एक्शन, वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत 5 गिरफ्तार

Lucknow News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्रांच ने वॉटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (WAPCOS) में जड़ें जमा चुके एक संगठित भ्रष्टाचार रैकेट का पर्दाफाश किया है। सीबीआई ने लखनऊ में जाल बिछाकर संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे समेत पांच लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

सीबीआई की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी पंकज दुबे ने ठेकेदारों और बिचौलियों के साथ मिलकर घूसखोरी का एक पूरा ‘कैटलॉग’ तैयार कर रखा था।

टेंडर दिलाने के लिए: 4 से 6 प्रतिशत कमीशन।

लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) के लिए: 4 प्रतिशत कमीशन।

बिल पास कराने के लिए: 3 प्रतिशत कमीशन।

कुल मिलाकर किसी भी काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए ठेकेदारों को 13 प्रतिशत की रिश्वत देनी पड़ती थी।

लखनऊ से देवरिया तक छापेमारी

इस कार्रवाई के तहत सीबीआई ने लखनऊ के पॉश इलाकों आशियाना, सुशांत गोल्फ सिटी और गोमतीनगर विस्तार के साथ-साथ देवरिया और भुवनेश्वर में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान लगभग 10 लाख रुपये कैश और भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य व संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पंकज दुबे के अलावा बिचौलिया राहुल वर्मा, ठेकेदार बबलू सिंह यादव, पैरवीकार राजेश कुमार सिंह और ड्राइवर शुभम कुमार पाल को गिरफ्तार किया गया है।

एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क में काम बंटा हुआ था। अभिषेक ठाकुर और बिचौलिया गोपाल मिश्रा ठेकेदारों से वसूली का जिम्मा संभालते थे, जबकि भुगतान (Payment) की ‘सेटिंग’ करने का काम भाभद्युत भूटिया का था। सीबीआई ने अब इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में मुख्य आरोपी पंकज दुबे के साथ उसके भाई पवन दुबे, वाप्कोस अधिकारी भाभद्युत भूटिया, अभिषेक ठाकुर, इकाना इंटरप्राइजेज के बबलू सिंह यादव और अन्य बिचौलियों के नाम शामिल हैं।

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