मायावती का मिशन 2027, कार्यकर्ताओं को दिया सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने का मंत्र
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी की अखिल भारतीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ‘सर्वसमाज’ में पैठ बढ़ाने के लिए नई रणनीति साझा की। मायावती ने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि जैसे-जैसे बसपा मजबूत होगी, विरोधी दल और ताकतें उनके खिलाफ साजिशें तेज करेंगी, जिसका मुकाबला डटकर करना होगा।
मायावती ने केंद्र और राज्य की अन्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की नीतियां गरीब, किसान और बहुजन विरोधी होती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की विश्वसनीयता उनके खोखले वादों के कारण घट रही है। ऐसे में जनता अब बसपा की ओर एक नई उम्मीद के साथ देख रही है। उन्होंने अपने शासनकाल के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के मॉडल को याद दिलाते हुए कहा कि कानून का राज केवल बसपा ही दे सकती है।
स्वार्थ की राजनीति करने वालों से रहें सतर्क
बसपा सुप्रीमो ने उन नेताओं पर भी तीखा हमला बोला जो पार्टी की बदौलत आगे बढ़े और बाद में साथ छोड़ गए। उन्होंने कहा, बहुजन समाज के नाम पर अपना स्वार्थ सिद्ध करने वाले लोग समाज के हितैषी नहीं हो सकते। कार्यकर्ताओं को ऐसे तत्वों और उन्हें संरक्षण देने वाली पार्टियों से सावधान रहने की जरूरत है।
आर्थिक ईमानदारी और चंदे पर पक्ष
पार्टी की फंडिंग को लेकर मायावती ने गर्व से कहा कि बसपा अपने छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं के सहयोग पर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड या बड़े व्यापारिक ट्रस्टों से चंदा लेने वाली पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि बसपा ‘धनबल’ की राजनीति से दूर है और राजनीतिक ईमानदारी में विश्वास रखती है।
मायावती ने अमेरिका और अन्य देशों के साथ होने वाले व्यापारिक समझौतों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वैश्विक स्तर पर ‘फर्स्ट’ (First) की होड़ में हमारे देश के किसानों और बहुजन समाज के हितों की बलि नहीं चढ़नी चाहिए। सरकार को इनकी रक्षा की जिम्मेदारी मजबूती से निभानी होगी।

