Kushinagar News: TET की अनिवार्यता पर शिक्षकों का हल्लाबोल, ‘X’ पर नंबर-1 ट्रेंड हुआ ‘जस्टिस फॉर टीचर’
पडरौना, कुशीनगर। परिषदीय विद्यालय में बीते तीन दशक से शिक्षण कार्य कर रहे प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि टेट की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध गति पकड़ने लगा है। क्रमागत आंदोलन के पहले दिन रविवार को दोपहर दो बजे से टिवंटर हैंडिल एक्स पर शुरू हुआ जस्टिस पर टीचर हैस टैग अभियान नंबर एक पर ट्रेंड करता रहा।
शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त कराए जाने की मांग
उप्र जूनियर शिक्षक संघ व उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त बैनर तले शिक्षकों को न्याय दिये जाने, वर्ष 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त किये जाने की मांग को लेकर जस्टिस फार टीचर अभियान शुरू किया। शिक्षकों की एकजुटता ऐसे कि देखते ही देखते यह अभियान नंबर एक पर टेंड करने लगा। जिसका समर्थन हर तरफ से मिलता रहा।
शिक्षकों ने कहा जब हम सभी की तैनाती हुई तो उस दौर की अर्हता, तय मानक को पूरा करने व दो वर्षीय प्रशिक्षण के बाद ही हम सभी की प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति हुई। बीते दो से तीन दशकों से अनवरत समर्पित भाव से शिक्षण कार्य करने के बाद भी सरकार शिक्षक समाज के प्रति कठोर रवैया अपना रही है जो कि सरासर गलत है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने कहा क्या डीएम, एडीएम, सीडीओ, वीडीओ, सीएमओ समेत देश भर में सेवा दे रहे सरकारी अधिकारियों को बीस वर्ष बाद परीक्षा देने के लिए कहा जाय तो क्या वह परीक्षा उत्तीर्ण कर पायेंगे। फिर सरकार क्यों शिक्षकों के पीछे प़डी है। सरकार को अपनी नीति व नियति में बदलाव करना होगा। संगठन ने चेताया कि सरकार शिक्षक समाज को निरीह समझ प्रताड़ित कर रही है। शिक्षकों ने न्याय की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
अभियान में जूनियर शिक्षक संघ के महामंत्री कुंजेश्वर सिंह, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के अमरदीप शुक्ल, राकेश पांडेय, राकेश यादव, उपेंद्र कुमार दूबे, अमित सिंह, आकाश सिंह, मनीष कुमार, परशुराम, ऋषिकेश सिंह, डा. व्यास सिंह, विनीत पांडेय, गीता चतुर्वेदी, रेनूबाला सिंह आदि शिक्षकों ने जस्टिस फार टीचर अभियान की सराहना कर सभी शिक्षकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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