इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बढ़ाई Azam Khan को मिली अंतरिम राहत
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान (Azam Khan) से जुड़े ‘यतीम खाना’ मामले में मंगलवार 24 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने आजम खान, सह आरोपी वीरेंद्र गोयल समेत सभी याचिकाकर्ताओं को मिली अंतरिम राहत को 24 मार्च तक बढ़ा दिया है। कोर्ट पहले ही ट्रायल कोर्ट को इस मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने से अंतरिम रूप से रोक चुका है।
ट्रायल कोर्ट के फैसले पर लगी रोक
दरअसल हाईकोर्ट का यह आदेश ऐसे समय में आया है जब माना जा रहा था कि ट्रायल कोर्ट जल्द ही इस मामले में अंतिम फैसला सुना सकता है। आजम खान (Azam Khan) और उनके सहयोगी वीरेंद्र गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट द्वारा अंतिम फैसला सुनाए जाने पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में ट्रायल कोर्ट के 30 मई 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया गया था।
आदेश निरस्त करने की अपील
यहां दोनों ने हाईकोर्ट से ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की अपील की है। वहीं आजम खान (Azam Khan) का पक्ष है कि जब तक मामले की जड़ तक जाकर सबूतों का सही तरीके से मिलान नहीं किया जाता, तब तक किसी सजा या अंतिम फैसले का कोई औचित्य नहीं है। इस स्थगनादेश से आजम खान को अपनी कानूनी लड़ाई के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रायल कोर्ट फिलहाल इस केस में कोई भी अंतिम आदेश पारित नहीं कर सकता।
2016 के बेदखली प्रकरण से जुड़ा मामला
दरअसल यह मामला वर्ष 2016 के मशहूर बलपूर्वक बेदखली प्रकरण से संबंधित है। 15 अक्टूबर 2016 को रामपुर स्थित यतीम खाना वक्फ संख्या 157 नामक वक्फ संपत्ति पर अनधिकृत ढांचे को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई थी। इस प्रकरण में वर्ष 2019 में रामपुर के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गवाहों और वीडियो फुटेज का मुद्दा
दरअसल इस याचिका में कहा गया है कि जब तक मुख्य गवाहों की दोबारा गवाही नहीं कराई जाती और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता, तब तक निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। हाईकोर्ट सह आरोपी मोहम्मद इस्लाम उर्फ इस्लाम ठेकेदार, शाहिद प्रधान और आले हसन खान की याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई कर रहा है। अदालत ने सभी याचिकाओं को आपस में जोड़कर संयुक्त रूप से सुनवाई करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी। फिलहाल Azam Khan को मिली रहत बढ़ा दी गई है।
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