सांसद जगदंबिका पाल को बड़ी जिम्मेदारी, भारत-मॉरीशस संसदीय मैत्री समूह के बने अध्यक्ष

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर (डुमरियागंज) के सांसद जगदंबिका पाल को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली है। भारत और मॉरीशस के बीच रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए उन्हें एक महत्वपूर्ण संसदीय समूह की कमान सौंपी गई है।

डुमरियागंज से सांसद और अनुभवी राजनेता जगदंबिका पाल को 18वीं लोकसभा के कार्यकाल के लिए ‘भारत–मॉरीशस संसदीय मैत्री समूह’ (India–Mauritius Parliamentary Friendship Group) का अध्यक्ष नामित किया गया है। लोकसभा सचिवालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

लोकसभा सचिवालय ने जारी किया पत्र

सांसद जगदंबिका पाल ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि लोकसभा सचिवालय की ‘सम्मेलन एवं प्रोटोकॉल शाखा’ ने 23 फरवरी 2026 को पत्र जारी कर इस नियुक्ति की पुष्टि की है। यह समूह भारत और मॉरीशस की संसदों के बीच एक पुल का काम करेगा, जिससे दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

क्यों अहम है यह जिम्मेदारी?

भारत और मॉरीशस के बीच संबंध सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भी हैं। जगदंबिका पाल की इस नियुक्ति के कई मायने हैं।

संसदीय संवाद: दोनों देशों के सांसदों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना।

प्रतिनिधिमंडल का आदान-प्रदान: संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरे और अनुभवों को साझा करना।

द्विपक्षीय मजबूती: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों लोकतांत्रिक देशों की एकजुटता को मजबूत करना।

अनुभव का मिलेगा लाभ

जगदंबिका पाल एक मंझे हुए राजनेता हैं और उनका संसदीय समितियों में काम करने का लंबा अनुभव रहा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का उनका हुनर इस नई जिम्मेदारी को निभाने में काफी मददगार साबित होगा।

जनपद और समर्थकों में खुशी की लहर

जगदंबिका पाल को यह अहम अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने पर सिद्धार्थनगर और पूरे उत्तर प्रदेश के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है। शुभचिंतकों का कहना है कि यह न केवल सांसद की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि इससे जनपद का मान भी बढ़ा है।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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