डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, थर्ड कंट्री डिपोर्टेशन पॉलिसी अवैध करार

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी आव्रजन नीतियों को लेकर कानूनी मोर्चे पर हार का सामना करना पड़ा है। एक फेडरल जज ने ट्रंप प्रशासन की उस विवादित नीति को गैरकानूनी ठहराते हुए रद्द कर दिया है, जिसके तहत प्रवासियों को उनके मूल देश के बजाय किसी तीसरे देश में निर्वासित (डिपोर्ट) किया जा रहा था।

मैसाचुसेट्स के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज ब्रायन ई. मर्फी ने बुधवार को यह अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की यह नीति प्रवासियों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करती है। जज ने अपने आदेश के कार्यान्वयन पर 15 दिनों की रोक लगाई है, ताकि सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील कर सके। अब इस मामले पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है।

फैसला सुनाते समय जज मर्फी ने अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की याद दिलाई। उन्होंने कहा, हमारे राष्ट्र का मूल सिद्धांत है कि किसी भी व्यक्ति को कानून की उचित प्रक्रिया के बिना उसके जीवन, स्वतंत्रता या संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। प्रवासियों को किसी तीसरे देश भेजने से पहले उन्हें नोटिस और अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। जज ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन बार-बार अदालती आदेशों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने पिछले साल के एक उदाहरण का जिक्र किया जब दक्षिण सूडान के प्रवासियों को बिना किसी संबंध के वहां भेज दिया गया था।

प्रशासन पर तथ्य छिपाने के आरोप

अदालत ने ट्रंप प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। मर्फी ने नोट किया कि पिछले साल मार्च में कई लोगों को बिना आवश्यक प्रक्रिया के अल साल्वाडोर और मैक्सिको भेज दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के अधिकारी ‘मूल तथ्यों’ को छिपा रहे हैं, जिससे किसी भी प्रवासी के दावे की असलियत जान पाना मुश्किल हो गया है।

Also Read: बरसाना की लठामार होली में मची अफरा-तफरी, भीड़ में दबे एक दर्जन श्रद्धालु

Get real time updates directly on you device, subscribe now.