बहराइच: कब्रिस्तान विवाद के मुख्य वादी पर जानलेवा हमला, आज होनी थी कोर्ट में गवाही
Sandesh Wahak Digital Desk: जनपद बहराइच के थाना कैसरगंज अंतर्गत ग्राम वैराकाजी में उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के मशहूर कब्रिस्तान विवाद के मुख्य वादी और भारतीय स्टेट बैंक के बीसी संचालक समाल अहमद पर जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावरों ने रिवाल्वर और धारदार हथियारों का इस्तेमाल कर उन्हें मरणासन्न कर दिया।
तरावीह की नमाज के बाद घात लगाकर हमला
जानकारी के अनुसार, रमजान के महीने में समाल अहमद रोजाना की तरह अपने साथियों के साथ तरावीह की नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे एक दर्जन से अधिक हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शी अफजल के मुताबिक, हमलावर हथियारों से लैस थे और उन्होंने समाल अहमद पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया।
समाल को बचाने दौड़े उनके साथी अफजल पर भी हमलावरों ने रहम नहीं किया और उन्हें लात-घूंसों व डंडों से इतना पीटा कि वह बेहोश होकर गिर पड़े। अन्य ग्रामीणों को आता देख हमलावर मौके से फरार हो गए।
गवाही रोकने की साजिश?
यह हमला महज एक इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। दरअसल, वैराकाजी गांव में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि समाजवादी नेता सफीउल्लाह अंसारी इस जमीन पर काबिज हैं और समाल अहमद इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे मुख्य वादी हैं। विशेष बात यह है कि आज, यानी 26 फरवरी 2026 को हाई कोर्ट में इस मामले में समाल अहमद की गवाही होनी थी।
अंसारी परिवार पर लगा आरोप
प्रत्यक्षदर्शी अफजल के अनुसार, हमलावरों में सफीउल्लाह अंसारी के परिजन और करीबी लोग शामिल थे। नामजद आरोपियों में रफी, सईद, इरफान और उनके साथ मौजूद कई अन्य लोग बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों ने शासन और पुलिस के इकबाल को चुनौती देते हुए इस वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिसिया कार्रवाई का इंतज़ार
घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। समाल अहमद की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हमला वाकई गवाही रोकने के उद्देश्य से किया गया था।

