खतरे में राज्य कर्मियों का वेतन और प्रमोशन! मुख्य सचिव का नया फरमान, 10 मार्च है डेडलाइन

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के लिए आखिरी मौका दिया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार, अब सभी कर्मियों को 10 मार्च 2026 तक हर हाल में अपनी संपत्ति की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

शासनादेश में साफ कर दिया गया है कि जो कर्मचारी 10 मार्च की समय सीमा तक अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देंगे, उनका अगले महीने का वेतन रोक दिया जाएगा। वेतन केवल उन्हीं का जारी होगा जो निर्धारित समय के भीतर पूरी जानकारी ऑनलाइन फीड कर देंगे।

पदोन्नति और एसीपी पर भी ‘ब्रेक’

सिर्फ वेतन ही नहीं, संपत्ति का ब्योरा छिपाने वाले कर्मचारियों को भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों को पदोन्नति (Promotion) का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें एसीपी (Assured Career Progression) के लाभ से भी वंचित रखा जा सकता है।

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश

प्रशासनिक गलियारों में इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि हर राज्य कर्मचारी की आय और संपत्ति पारदर्शी हो। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी थी, लेकिन अब सरकार ने ‘सैलरी’ के जरिए सीधा संदेश दे दिया है कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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