मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट, यूरोप ने अपने नागरिकों से कहा- ईरान और इजरायल तुरंत छोड़ें

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की शक्ल लेता दिख रहा है। सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली समेत कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों के लिए सख्त ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी की है। सरकारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मिडिल ईस्ट के खतरनाक इलाकों में मौजूद नागरिक जल्द से जल्द वहां से निकल जाएं।

ब्रिटेन और फ्रांस ने वापस बुलाए दूतावास कर्मचारी

ब्रिटिश सरकार ने एहतियात के तौर पर ईरान से अपने दूतावास स्टाफ को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। अब वहां का दूतावास ‘रिमोटली’ यानी दूर बैठकर काम करेगा। वहीं, फ्रांस ने अपने नागरिकों को इजरायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक की यात्रा न करने की कड़ी चेतावनी दी है।

इटली: विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो लोग पर्यटन के लिए ईरान गए हैं, वे तुरंत वापस आ जाएं। साथ ही इराक और लेबनान की यात्रा को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।

जर्मनी: पहले इजरायल के कुछ हिस्सों पर पाबंदी थी, लेकिन अब पूरे देश की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

पोलैंड: पोलिश सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर तनाव बढ़ा तो नागरिक हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद हो सकता है, जिससे फ्लाइट्स मिलना नामुमकिन हो जाएगा। इसलिए नागरिक फौरन वहां से निकलें।

अमेरिका की भारी सैन्य घेराबंदी

इस बीच, अमेरिका ने भी इस इलाके में अपनी ताकत बढ़ा दी है। तनाव को देखते हुए अमेरिका ने दो विमानवाहक पोत (Aircraft Carriers) तैनात किए हैं। 150 से अधिक लड़ाकू विमान, जिनमें F-35 स्टील्थ फाइटर शामिल हैं, इलाके में भेजे हैं। जॉर्डन और इजरायल में अपने सैन्य ठिकानों को और मजबूत कर दिया है।

नीदरलैंड और साइप्रस जैसे देशों ने चेतावनी दी है कि हालात किसी भी वक्त काबू से बाहर हो सकते हैं। ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे के कारण एयरस्पेस लंबे समय तक बंद रह सकता है। स्वीडन और स्विट्जरलैंड ने भी अपने नागरिकों को साफ कर दिया है कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो सरकार की ओर से उन्हें बाहर निकालने (Evacuation) की गारंटी नहीं दी जा सकती।

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