‘हैलो, मैं जिलाधिकारी बोल रहा हूं…’, लखनऊ में बुजुर्ग श्रमिक से ठगे 9 लाख, जांच शुरू
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में एक जालसाज ने बुजुर्गों की सादगी का फायदा उठाकर मानवता को शर्मसार कर दिया है। बीकेटी के दिनकरपुर झलौआ गांव निवासी 75 वर्षीय मोतीलाल को ‘जिलाधिकारी’ बनकर फोन किया गया और जमीन का लालच देकर उनसे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। ठगी का आलम यह था कि पीड़ित ने रुपयों का इंतजाम करने के लिए अपनी फसल, पत्नी के जेवर और यहाँ तक कि अपनी जमीन भी बेच दी।
‘हैलो, मैं जिलाधिकारी बोल रहा हूं…’
मोतीलाल के अनुसार, यह सिलसिला नवंबर 2025 में शुरू हुआ। उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई और सामने वाले ने रसूखदार आवाज में कहा, ‘हैलो, मोतीलाल बोल रहे हो? मैं जिलाधिकारी हूं… तुम्हारी जमीन बिसवां और बाबागंज में निकली है।‘ यह सुनते ही बुजुर्ग मोतीलाल की खुशी का ठिकाना न रहा। ठग ने विश्वास जीतने के लिए कहा कि वह पैमाइश के लिए ‘राजेश’ नाम के एक शख्स को भेज रहा है, जिससे वे आगे की बात कर लें।
बहुरूपिया बना ठग: कभी बना SDM तो कभी दरोगा
जालसाज राजेश ने मोतीलाल से किस्तों में पैसे लेना शुरू किया। कभी पैमाइश के नाम पर 20 हजार, तो कभी कागजी कार्रवाई के नाम पर ढाई लाख रुपये वसूल लिए गए। ठग इतना शातिर था कि वह अलग-अलग नंबरों से फोन करता और खुद को कभी एसडीएम, कभी बीडीओ तो कभी पटवारी बताकर मोतीलाल को झांसे में रखता। ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब 23 फरवरी को राजेश ने ‘मलिहाबाद का दरोगा’ बनकर फोन किया और कहा कि “तुम्हारा परिचित राजेश पकड़ा गया है, उसे छुड़ाने के लिए पैसे दो।” मोतीलाल को दरोगा की आवाज राजेश जैसी लगी और उन्हें शक हो गया।
9 लाख रुपये जुटाने के चक्कर में मोतीलाल ने अपनी जमा-पूंजी के साथ-साथ घर की इज्जत (जेवर) और आजीविका का साधन (जमीन-फसल) तक बेच दिया। जब उन्हें हकीकत पता चली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
इस मामले में पुलिस के बयानों में तालमेल की कमी दिखी है
इंस्पेक्टर बीकेटी संजय सिंह का कहना है कि शुक्रवार को आरोपी राजेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि अभी केवल तहरीर मिली है, रिपोर्ट दर्ज होना और आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
Also Read: Kanpur News: 12 बैंकों के 68 खातों से ढाई साल में निकाले गए 1600 करोड़ नकद

