मिर्जापुर में STF का बड़ा एक्शन, 1 करोड़ के दुर्लभ ‘दोमुंहे सांप’ और पैंगोलिन खाल के साथ 3 गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तीन शातिर वन्यजीव तस्करों को दबोच लिया। तस्करों के पास से अति दुर्लभ ‘रेड सैंड बोआ’ (दोमुंहा सांप) और करीब 2 किलो पैंगोलिन की खाल बरामद हुई है। काले बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इनकी हुई गिरफ्तारी

पकड़े गए तस्करों में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल का भी कनेक्शन सामने आया है।

उमर फारूक: निवासी कोयला बाजार, वाराणसी।

अजहरूद्दीन अहमद: निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल।

राम प्रकाश पाठक: निवासी अदलहाट, मिर्जापुर।

कैसे जाल में फंसे तस्कर?

एसटीएफ की वाराणसी यूनिट को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि पूर्वी यूपी में दुर्लभ जीवों की तस्करी करने वाला एक गैंग सक्रिय है। शनिवार को सटीक जानकारी मिली कि तस्कर बिहार और झारखंड के रास्तों से वन्यजीव लेकर मिर्जापुर की तरफ आ रहे हैं। एसटीएफ और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और अदलहाट क्षेत्र के नारायणपुर शनि देव मंदिर के पास घेराबंदी कर तीनों को धर दबोचा।

नक्सली कनेक्शन और दवाइयों का खेल

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। तस्करों ने कुबूल किया कि उन्होंने ये वन्यजीव झारखंड के लातेहार निवासी राजू उरांव से खरीदे थे। राजू उरांव के नक्सली गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है और वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया है। सांप और खाल के अलावा इनके पास से कुछ केमिकल और इंजेक्शन भी मिले हैं।

क्यों है इतनी कीमत?

रेड सैंड बोआ और पैंगोलिन की खाल का इस्तेमाल महंगी कॉस्मेटिक सामग्री और शक्तिवर्धक दवाइयां बनाने में किया जाता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी भारी मांग रहती है। बरामद किए गए जीव संरक्षित श्रेणी में आते हैं और इनका शिकार व व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। एसटीएफ ने आरोपियों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है, जो अब वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

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