Sitapur News: बेरोजगारों के दस्तावेजों से बनाईं 1200 फर्जी फर्में, करोड़ों डकारने वाला गिरोह गिरफ्तार
Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक हाईटेक जालसाज गिरोह को दबोचा है। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर उनके आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल करता था और फिर उन्हीं के नाम पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर करोड़ों रुपये की जीएसटी (GST) चोरी को अंजाम देता था।
एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोग भोले-भले युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते थे। विश्वास जीतने के बाद उनसे उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत दस्तावेज ले लेते थे। इन दस्तावेजों के जरिए आरोपियों ने तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी सहित कई राज्यों में 1200 से अधिक फर्जी फर्में रजिस्टर्ड करा ली थीं।
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूला कि वे फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कागजों पर ही सामान की खरीद-फरोख्त (सेल-परचेज) दिखाते थे। इस फर्जी बिलिंग के सहारे वे सरकार से जीएसटी रिफंड और इनपुट क्रेडिट के रूप में मोटी रकम हड़प लेते थे। सीतापुर में भी इन्होंने ‘पूजा सिंह’ नाम की एक महिला के दस्तावेजों पर ‘पीएस ट्रेडर्स’ नामक फर्जी फर्म बनाकर लाखों रुपये कमाए थे।
महंगे शौक और ऐशो-आराम की जिंदगी
गिरोह का सरगना आशीष उर्फ सोना अपने साथियों कुलदीप, विवेक और सूरज के साथ मिलकर इस काली कमाई से राजसी जीवन जी रहा था। ठगी के पैसों से इन्होंने महंगी गाड़ियां, सोने के आभूषण और महंगे मोबाइल खरीदे थे।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से जो सामान बरामद किया है, वह इनके बड़े नेटवर्क की गवाही देता है।
नकद: 2.30 लाख रुपये कैश।
गैजेट्स: 3 लैपटॉप, 8 एंड्रॉयड मोबाइल।
दस्तावेज: 24 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, 70 जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, कई एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक।
लक्जरी: सोने की चेन, दो कीमती अंगूठियां और एक बिना नंबर की नई महिंद्रा कार।
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