KGMU यौन शोषण केस: डॉ. रमीज के खिलाफ 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 4 को बनाया आरोपी
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान KGMU में महिला डॉक्टर के साथ हुए यौन शोषण और अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। डॉ. रमीज और उसके माता-पिता समेत कुल चार लोगों को इस घिनौने अपराध में मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने चार्जशीट में डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट को सबसे मजबूत आधार बनाया है।
डिजिटल सबूतों ने खोली पोल
जांच के दौरान पुलिस के हाथ जो सबूत लगे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी डॉक्टर रमीज के मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच में पुलिस को निम्नलिखित डेटा मिला है।
4000 GB डेटा: भारी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री।
500+ अश्लील वीडियो: इनमें पीड़िताओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, ये सबूत डॉ. रमीज पर लगे आरोपों को पुख्ता करने के लिए काफी हैं।
शादी का झांसा, गर्भपात और धर्मांतरण का दबाव
पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया कि डॉ. रमीज ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण किया। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी और उसके माता-पिता (सलीमुद्दीन और खदीजा) उस पर धर्म बदलने का दबाव डालने लगे। पीड़िता के इनकार करने पर आरोपी शादी से मुकर गया, जिससे आहत होकर पीड़िता ने आत्महत्या तक की कोशिश की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि रमीज ने पहले भी एक हिंदू लड़की से शादी कर उसका धर्मांतरण कराया था।
800 पन्नों की चार्जशीट में क्या है?
चौक कोतवाली पुलिस द्वारा दाखिल इस चार्जशीट में दो अलग-अलग पीड़िताओं के बयानों को शामिल किया गया है। पुलिस ने डॉ. रमीज के खिलाफ सात गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें बलात्कार, जबरन गर्भपात, और अवैध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं शामिल हैं।
अब तक की कार्रवाई
9 जनवरी: मुख्य आरोपी डॉ. रमीज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
7 जनवरी: आरोपी के माता-पिता को न्यायिक हिरासत में लिया गया।
फिलहाल आरोपी डॉक्टर और उसका परिवार सलाखों के पीछे है और पुलिस ने कोर्ट से सख्त सजा की अपील की है।

