Bareilly News: होली मनाने के नहीं थे पैसे, मजदूर ने लगाई फांसी, ठेकेदार और पत्नी पर गंभीर आरोप

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव मटकुला में होली से ठीक पहले एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। गांव के 28 वर्षीय मजदूर दीपांकर मिश्रा ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। हर साल गांव की होलिका में आग लगाने की परंपरा निभाने वाले दीपांकर इस बार खुद ही जिंदगी की आग से हार गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मजदूरी के पैसे न मिलने से बढ़ी परेशानी

परिजनों के अनुसार दीपांकर मिश्रा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कुछ समय पहले वह गांव के चार अन्य लोगों के साथ आंध्र प्रदेश काम करने गए थे। उन्हें एक ठेकेदार वहां लेकर गया था। बताया गया कि ठेकेदार ने कंपनी मालिक से मार्च तक काम कराने के नाम पर करीब ढाई लाख रुपये पहले ही ले लिए थे, लेकिन मजदूरों को एक भी रुपया नहीं मिला।

दीपांकर और उनके साथियों ने जब कंपनी मालिक से मजदूरी मांगी तो उसने साफ कहा कि भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया है। इसके बाद मजदूरों ने ठेकेदार से संपर्क किया, लेकिन वह लगातार टालमटोल करता रहा। आखिरकार सभी मजदूर गांव लौट आए।

शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत

24 फरवरी को दीपांकर और अन्य मजदूरों ने हाफिजगंज थाने में तहरीर देकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 28 फरवरी को दीपांकर ने जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद उन्हें किसी तरह की राहत नहीं मिली। आर्थिक तंगी लगातार बढ़ती जा रही थी और त्योहार नजदीक आने से चिंता और गहरी हो गई थी।

जामुन के पेड़ से लगाई फांसी

होली की तैयारियों के लिए घर में पैसे नहीं थे। पत्नी ने होली के सामान और बच्चों के कपड़ों की बात कही तो दीपांकर ने एक बार फिर ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने पांच हजार रुपये खाते में डालने का भरोसा दिया। दीपांकर रुपये निकालने के लिए हरहरपुर मटकली स्थित जनसेवा केंद्र पहुंचे और काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन खाते में पैसा नहीं आया।

शाम तक रकम न आने पर वह बेहद परेशान हो गए। घर लौटते समय गांव के बाहर चकरोड किनारे लगे जामुन के पेड़ से फंदा लगाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

सुसाइड नोट में ठेकेदार और पत्नी पर आरोप

मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें टूटी-फूटी हिंदी में दीपांकर ने लिखा कि ठेकेदार ने मजदूरी नहीं दी, जिससे उन पर गांववालों और दुकानदारों का करीब 30 हजार रुपये का कर्ज हो गया था। वह इस बोझ को सहन नहीं कर पा रहे थे। सुसाइड नोट में उन्होंने पत्नी से झगड़े का जिक्र करते हुए लिखा कि पत्नी दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी दे रही थी। साथ ही उन्होंने अपने बच्चों को परेशान न करने की अपील की है।

वहीं एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मजदूरों की शिकायत पहले से जांच में थी। सुसाइड नोट में ठेकेदार और पत्नी दोनों पर आरोप लगाए गए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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