सहारा समूह पर ED का शिकंजा, कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाकर बेची जा रही हैं संपत्तियां

Sandesh Wahak Digital Desk: सहारा समूह और उससे जुड़े अधिकारियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद समूह की कीमती संपत्तियों को अवैध तरीके से बेचा जा रहा है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में हुई कार्रवाई के बाद अब ED की रडार पर उत्तर प्रदेश स्थित संपत्तियां भी आ गई हैं।

ED की छापेमारी और खुलासे (26 फरवरी 2026)

कोलकाता आंचलिक कार्यालय की ED टीमों ने तीन राज्यों के विभिन्न परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

ओडिशा (बहरामपुर) में ‘सहारा प्राइम सिटी लिमिटेड’ की 43 एकड़ भूमि में से लगभग 32 एकड़ जमीन दिसंबर 2025 में अवैध रूप से बेच दी गई।

जांच में पाया गया कि यह बिक्री एक निरस्त (Cancelled) बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर की गई। जमीन को सहारा के ही एक कर्मचारी के पक्ष में हस्तांतरित किया गया, जो कानूनी रूप से अमान्य है।

यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का खुला उल्लंघन है, जिसमें सहारा की संपत्तियों की बिक्री पर रोक या विशेष निगरानी के आदेश दिए गए थे।

वरिष्ठ प्रबंधन पर गहराया संदेह

जांच एजेंसी को प्रबल संदेह है कि करोड़ों रुपये का यह सौदा समूह के वरिष्ठ प्रबंधन के सीधे निर्देशों पर अंजाम दिया गया है। ED अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जिनके माध्यम से संपत्तियों को ‘लिक्विडेट’ कर फंड को कहीं और डाइवर्ट किया जा रहा है।

यूपी में संपत्तियों की गहन तफ्तीश शुरू

ओडिशा के बाद अब ED का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश पर है। यूपी के विभिन्न शहरों में स्थित सहारा की प्राइम लोकेशंस वाली जमीनों और टाउनशिप का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। एजेंसी को अंदेशा है कि इसी तरह का ‘खेल’ यूपी और अन्य राज्यों में भी दोहराया गया है। ED उन सभी सौदों को रद्द करने और संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी में है, जिन्हें नियमों के विरुद्ध बेचा गया है।

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