विदेश नीति पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा, बोले- अब अमेरिका तय करेगा हम किससे तेल खरीदें
Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारत की विदेश नीति अब देश की जनता की इच्छा से नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट व्यक्ति के शोषण से संचालित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) दांव पर लगी है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने संसद के भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि आज भारत की कोई स्वतंत्र नीति नहीं बची है। उन्होंने कहा, यह अमेरिका तय करेगा कि हम रूस से तेल खरीदेंगे या ईरान से। हमारे प्रधानमंत्री खुद फैसला नहीं ले पा रहे हैं। भारत की विदेश नीति हमारे इतिहास और सत्य-अहिंसा पर आधारित होनी चाहिए थी, लेकिन आज यह अपनी राह भटक चुकी है।
राहुल गांधी ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत के डूबने और लाल सागर के तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के तेल आयात का 40 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है। एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति पर भयंकर संकट मंडरा रहा है। राहुल ने सवाल उठाया कि जब संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुँच गया है, तब भी प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम ने भारत की रणनीतिक ताकत से समझौता कर लिया है।
रूस से तेल खरीदने के लिए मिली 30 दिन की छूट
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल-ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 15% तक बढ़ गई थीं। हालांकि, शुक्रवार को कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है। इसी ‘छूट’ को लेकर विपक्ष का तर्क है कि भारत अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि अमेरिका की अनुमति से व्यापार कर पा रहा है।
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