महिलाओं में बढ़ रहा Cervical Cancer का खतरा, ऐसे करें बचाव
Sandesh Wahak Digital Desk: आज के समय में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) के मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। यह एक गंभीर बीमारी है, जो यूटरस के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में विकसित होती है। कई बार इसके शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिसकी वजह से महिलाएं लंबे समय तक इस बीमारी से अनजान रह सकती हैं।
हालांकि कुछ ऐसे संकेत होते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी होता है। असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच में खून आना, इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग, पेल्विक एरिया में दर्द या असामान्य डिस्चार्ज जैसे लक्षण सर्वाइकल कैंसर के संकेत हो सकते हैं। अगर इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इलाज अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता और समय पर जांच इस बीमारी से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।
Cervical Cancer के प्रमुख कारण
जानकार मानते हैं कि Cervical Cancer के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी एचपीवी संक्रमण माना जाता है। यह वायरस इंटरकोर्स संपर्क के जरिए फैल सकता है और लंबे समय तक शरीर में रहने पर सर्विक्स के सेल्स को प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा कम उम्र में यौन संबंध बनाना, कई पार्टनर्स होना और सुरक्षित संबंध न बनाना भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है। धूम्रपान की आदत भी सर्वाइकल कैंसर के जोखिम से जुड़ी मानी जाती है। कमजोर इम्यून सिस्टम होने पर शरीर संक्रमण से प्रभावी तरीके से लड़ नहीं पाता, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल भी कुछ मामलों में जोखिम से जुड़ा माना जाता है। इसके साथ ही नियमित हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग की कमी के कारण कई बार इस बीमारी का पता देर से चल पाता है।
किन महिलाओं में ज्यादा खतरा?
दरअसल कुछ महिलाओं में Cervical Cancer होने का खतरा अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है। जिन महिलाओं में लंबे समय तक एचपीवी संक्रमण बना रहता है, उनमें इसका जोखिम बढ़ जाता है। कम उम्र में यौन जीवन शुरू करने वाली महिलाओं में भी यह खतरा अधिक माना जाता है।
वहीं जिन महिलाओं का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, जैसे किसी गंभीर बीमारी या इलाज के कारण, उनमें भी इस बीमारी की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा धूम्रपान करने वाली महिलाओं में भी सर्वाइकल कैंसर होने की आशंका अधिक देखी जाती है।
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच या सर्वाइकल स्क्रीनिंग नहीं होती, उनमें इस बीमारी का पता देर से चलने का खतरा भी अधिक रहता है।
जागरूकता से संभव है बचाव
दरअसल Cervical Cancer से बचाव के लिए जागरूकता और नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। एचपीवी वैक्सीन इस बीमारी से बचाव में मददगार साबित हो सकती है। सुरक्षित यौन संबंध बनाना और एक ही पार्टनर के साथ संबंध रखना भी जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
इसके साथ ही धूम्रपान से दूरी बनाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी फायदेमंद माना जाता है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट या सर्वाइकल स्क्रीनिंग करवानी चाहिए, ताकि Cervical Cancer की बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सके। संतुलित आहार और मजबूत इम्यून सिस्टम भी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
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