RLJP में बड़ा बदलाव, Prince Raj बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। समस्तीपुर के पूर्व सांसद प्रिंस राज (Prince Raj) को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने सोमवार 9 मार्च को इसकी घोषणा की। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रिंस राज ने खुशी जाहिर करते हुए पार्टी प्रमुख का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ फैसला
दरअसल राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) की ओर से सोमवार को राजधानी पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी। इसी बैठक में पार्टी प्रमुख पशुपति पारस ने प्रिंस राज को यह जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी। बैठक में मौजूद नेताओं ने सर्वसम्मति से प्रिंस राज पासवान को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुना। इस फैसले के साथ पार्टी ने संगठन को आगे मजबूत करने का संदेश दिया है।
‘RLJP को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश होगी’
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रिंस राज ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई है, वह उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि जिस तरीके से पार्टी (RLJP) पहले प्रदर्शन करती थी, आगे उससे भी बेहतर प्रदर्शन करे। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मिलकर बैठकर निर्णय लिए जाएंगे और भविष्य की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।
युवाओं की राजनीति में भूमिका पर भी बोले प्रिंस
वहीं निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने के सवाल पर प्रिंस राज ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह युवाओं का समय है और युवाओं में सबसे ज्यादा ऊर्जा होती है। उन्होंने पहले भी कहा था कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए। प्रिंस राज ने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 35 साल का युवा प्रधानमंत्री बनता है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में युवाओं का वर्चस्व बढ़ रहा है और यह देखना अच्छा लगता है कि युवा बढ़ चढ़कर राजनीति में हिस्सा ले रहे हैं।
चिराग पासवान पर भी दी प्रतिक्रिया
वहीं चिराग पासवान से जुड़े एक सवाल पर प्रिंस राज ने कहा कि सभी नेता अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी रामविलास पासवान और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हैं और उसी दिशा में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, शोषित और पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए काम करना ही पार्टी का उद्देश्य है।
महागठबंधन को लेकर स्थिति साफ नहीं
महागठबंधन में बने रहने या उससे अलग होने के सवाल पर प्रिंस राज ने कहा कि ऐसे फैसले हालात के अनुसार लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य पार्टी को और मजबूत करना और आगे बढ़ाना है। इसके लिए पार्टी (RLJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की जाएगी और उनके सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कौन हैं प्रिंस राज?
प्रिंस राज समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। अपने पिता और सांसद रामचंद्र पासवान के निधन के बाद 24 अक्टूबर 2019 को हुए उपचुनाव में प्रिंस राज समस्तीपुर से लोकसभा के सांसद चुने गए थे। उनके पिता के अलावा उनके चाचा रामविलास पासवान और पशुपति पारस बिहार के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके चचेरे भाई हैं। प्रिंस राज ने 2013 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 2015 में उन्होंने कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था।
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