Saharanpur News: विवेचना से नाम हटाने के बदले मांगी रकम, 15 हजार रिश्वत लेते हेड कॉन्स्टेबल गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देशों का असर जमीन पर दिखने लगा है। बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) की सहारनपुर इकाई ने थाना मण्डी में तैनात एक मुख्य आरक्षी (Head Constable) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
सहारनपुर के फैसल टाउन, खाताखेड़ी निवासी इमरान ने एंटी-करप्शन टीम से शिकायत की थी कि एक मामले की विवेचना में उनका नाम न बढ़ाने के बदले पुलिसकर्मी द्वारा पैसों की मांग की जा रही है।
मुख्य आरक्षी विनोद कुमार ने इमरान को राहत देने के बदले अवैध धनराशि की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और जाल बिछाया गया।
रंगे हाथों गिरफ्तारी
बुधवार को जैसे ही खाताखेड़ी पुलिस चौकी के पास मुख्य आरक्षी विनोद कुमार ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी विनोद कुमार मूल रूप से बागपत जिले के थाना दोघट का रहने वाला है और वर्तमान में थाना मण्डी में तैनात था।
कड़ी विधिक कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरक्षी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Also Read: ‘गरीबी नहीं, गरीबों को मिटाने में जुटी है भाजपा सरकार’, लखनऊ में कांग्रेस की हुंकार

