लखनऊ में 11 होटल और मैरिज लॉन पर गिरेगी गाज, प्रशासन ने दिए ध्वस्तीकरण के आदेश

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से चल रहे होटलों और मैरिज लॉन के खिलाफ जिला प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में हुई एक संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है कि शहर के 11 बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी वैध लाइसेंस और अग्निशमन मानकों (Fire Safety Norms) के धड़ल्ले से चल रहे हैं। एलडीए की शुरुआती जांच में इन भवनों के नक्शे भी पास नहीं मिले हैं, जिसके बाद अब इनके सीलिंग और ध्वस्तीकरण की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

जांच में खुली पोल, सुरक्षा ताक पर

अग्निशमन विभाग की टीम ने जब इन होटलों और लॉन का औचक निरीक्षण किया, तो स्थिति बेहद डरावनी मिली। कई जगहों पर न तो फायर अलार्म थे और न ही आग बुझाने के उपकरण। कुछ प्रतिष्ठानों मं तो आपातकालीन निकास (Emergency Exit) तक की व्यवस्था नहीं थी। विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि इन जगहों पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है।

ये 11 प्रतिष्ठान आए रडार पर

प्रशासन द्वारा जारी सूची में निम्नलिखित नाम शामिल हैं।

डीडीएस लॉन एंड बैंक्वेट, कानपुर हाईवे (पारा)

पैरामाउंट हाइट्स, गोविंद नगर (हंसखेड़ा)

कृष्ण कांता लॉन, हरदोई रिंग रोड

आरएस लॉन, कांशीराम कॉलोनी (परसादी खेड़ा)

पंचवटी कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-बी (कानपुर रोड)

ईबीसी पब्लिशिंग प्रा. लि., आलमबाग

दशमेश स्क्वायर, सेक्टर-डी1 (कानपुर रोड)

घई पैलेस, अलीनगर सुनहरा (कृष्णनगर)

सोनवती मैरिज लॉन, राजाजीपुरम

होटल मैनहट्टन ग्रैंड (वर्तमान में मास्टर प्राइस इन), बाराबिरवा

प्लॉट नंबर 297, कानपुर रोड स्थित भवन

एडीएम का कड़ा रुख, एलडीए हुआ सक्रिय

अपर जिलाधिकारी (पूर्वी) महेंद्र पाल सिंह ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने 9 मार्च को एलडीए सचिव को पत्र लिखकर इन सभी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि इन संस्थानों को जिला प्रशासन से कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। पत्र मिलते ही एलडीए की प्रवर्तन टीमें सक्रिय हो गई हैं और ध्वस्तीकरण की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

Also Read: Prayagraj News: इलाहाबाद हाई कोर्ट का सख्त रुख, बरेली के DM और SSP को किया तलब

Get real time updates directly on you device, subscribe now.