छोटे बच्चों की पढ़ाई की मजबूत नींव, प्रदेशभर में मनाया जाएगा Navarambh Utsav

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश सरकार प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने और छोटे बच्चों के विद्यालय में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 25 मार्च 2026 को राज्यभर के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में नवआरंभ उत्सव (Navarambh Utsav) का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का बालवाटिका में नामांकन बढ़ाना और अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बालवाटिका की गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा और अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

सभी तक प्रारंभिक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य

राज्य सरकार का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नीति के अनुसार वर्ष 2030 तक प्रारंभिक शिक्षा का लाभ सभी बच्चों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

बालवाटिका की गतिविधियों से परिचय

योगी सरकार ने बच्चों के नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। नवआरंभ उत्सव के दौरान विद्यालयों में अभिभावकों को बालवाटिका की गतिविधियों, लर्निंग कॉर्नर, स्टेशनरी, खेल सामग्री और बच्चों के बैठने की व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके साथ ही बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी करेंगे, जिससे अभिभावकों को बालवाटिका के शैक्षिक वातावरण की झलक मिल सकेगी।

कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार

नवआरंभ उत्सव के आयोजन के लिए विभाग की ओर से विस्तृत कार्यक्रम रूपरेखा तैयार की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से होगी। इसके बाद कार्यक्रम के उद्देश्य और बालवाटिका की अवधारणा पर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर चर्चा होगी और बालवाटिका के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान कक्षा एक में प्रवेश के लिए पात्र बच्चों की सूची अभिभावकों को उपलब्ध कराई जाएगी और क्रियाशील बालवाटिका का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी। कार्यक्रम से जुड़ी सभी सूचनाएं प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रत्येक विद्यालय को मिलेगी 3000 की सहायता

नवआरंभ उत्सव के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस बजट के तहत प्रत्येक विद्यालय को लगभग 3000 रुपये की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग कार्यक्रम के आयोजन, बच्चों की गतिविधियों, बैनर-पोस्टर और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

प्रारंभिक शिक्षा को नई दिशा देने की पहल

राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है। इसी सोच के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नवआरंभ उत्सव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो छोटे बच्चों के नामांकन को बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

 

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