तीन माह में बने करीब 18 लाख नए Ayushman Card, योगी सरकार का विशेष अभियान
Sandesh Wahak Digital Desk: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत छूटे पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके।
सरकार की ओर से शुरू किए गए इस अभियान के तहत पिछले तीन महीनों में करीब 18 लाख नए आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
विशेष अभियान के तहत बनाए जा रहे कार्ड
दरअसल आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान की शुरुआत पिछले वर्ष 25 नवंबर से की गई थी। यह अभियान 25 दिसंबर 2025 तक चलाया गया था, जिसके दौरान 5 लाख 52 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
अभियान को मिली सफलता के बाद इसे दोबारा 15 जनवरी से शुरू किया गया, जो वर्तमान में भी जारी है। इस अभियान के तहत अब तक 17 लाख 94 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस दौरान विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ उनके परिवारों के कार्ड बनाए जा रहे हैं ताकि उन्हें भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
Ayushman Bharat Yojana में यूपी अग्रणी
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इस योजना के तहत करोड़ों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इन जिलों में बने सबसे अधिक कार्ड
विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाए गए। कार्ड बनाने में बरेली पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा, जहां 1,12,855 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
इसके अलावा जौनपुर में 83,042 कार्ड बनाकर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि आगरा में 76,702 कार्ड बनाकर तीसरा स्थान रहा। इसी क्रम में प्रयागराज में 74,252 और आजमगढ़ में 70,266 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
इनपर विशेष फोकस
साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के परिवारों को योजना से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्य योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 12 मार्च तक करीब 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 1.03 लाख लोगों के कार्ड बनना अभी शेष है। इस श्रेणी में सबसे अधिक कुशीनगर में 6,620 कार्ड बनाए गए।
इसी प्रकार लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों में से 1.53 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) जारी किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इस श्रेणी में सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,176 कार्ड बनाए गए। वहीं 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों में से लगभग 1.51 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि करीब 81 हजार लोगों के कार्ड बनना अभी शेष है। इस श्रेणी में भी सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,077 कार्ड बनाए गए।
जीरो पावर्टी अभियान के तहत विशेष ध्यान
सरकार की ओर से चलाए जा रहे जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवारों के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) भी बनाए जा रहे हैं। इस अभियान के दौरान सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड वाराणसी में बनाए गए हैं। इसके बाद हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में भी बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा गया है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से वंचित न रहे और सभी जरूरतमंद लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके।
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