सोशल मीडिया के जरिए पैर पसार रहा था ISIS, UP ATS ने दबोचा आरोपी

Sandesh Wahak Digital Desk: UP ATS को विश्वसनीय सूत्रों से लगातार ऐसी सूचना प्राप्त हो रही थी कि उत्तर प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों में कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के सक्रिय मॉड्यूल के रूप में काम कर रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और विभिन्न इनक्रिप्टेड एप्स जैसे सेशन और डिस्कॉर्ड के जरिए ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इनका उद्देश्य ISIS की आतंकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना और भारत सहित पूरी दुनिया में शरीया आधारित खिलाफत व्यवस्था स्थापित करना बताया गया। साथ ही ये लोग भारत में ISIS को मजबूत करने के लिए प्रचार सामग्री, सैद्धांतिक विचार और निर्देश साझा कर रहे थे तथा बड़े आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए सुनियोजित साजिश रच रहे थे।

सर्विलांस में पुष्टि के बाद हुई FIR

वहीं इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने गहन भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस शुरू किया। जांच के दौरान जब सूचना की पुष्टि हुई तो एटीएस थाना लखनऊ में मु.अ.सं. 01/2026 के तहत धारा 148, 152, 61(2) बीएनएस तथा 18, 18B, 38 यूएपी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना के क्रम में 15 मार्च 2026 को यूपी एटीएस की टीम ने नामजद आरोपी हारिस अली पुत्र रियासत अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी सहारनपुर जिले के मोहल्ला मानकमऊ का निवासी है और बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र बताया गया है।

साझा करता था प्रोपेगेंडा और आतंकी सामग्री

जांच में सामने आया कि आरोपी देश में ISIS मॉड्यूल के हैंडलरों और अन्य मुजाहिद साथियों के संपर्क में था। वह चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को गिराकर शरीया कानून के तहत खिलाफत व्यवस्था लागू करना चाहता था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इनक्रिप्टेड एप्स पर छद्म नाम और वीपीएन का इस्तेमाल कर ISIS समर्थित ग्रुप्स संचालित कर रहा था। इन ग्रुप्स के जरिए वह अधिक से अधिक हमख्याल लोगों को जोड़कर उन्हें संगठन में भर्ती करने का प्रयास कर रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इन ग्रुप्स में ISIS के मीडिया चैनलों की पत्रिकाएं, प्रचार सामग्री, आतंकी विचारधारा से जुड़ी सामग्री, मारे गए आतंकियों के फोटो, वीडियो और ऑडियो के साथ ही कुख्यात आतंकी वक्ताओं के भाषण साझा कर उन्हें महिमामंडित करता था। उसका नेटवर्क भारत के साथ-साथ पाकिस्तान और अन्य देशों में सक्रिय ISIS हैंडलरों से भी जुड़ा हुआ था।

बनाया था अलग ग्रुप

भारत में आतंकी मंसूबों को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी ने “अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन” नाम से एक अलग ग्रुप भी बनाया था। वह ISIS के मीडिया और न्यूज चैनल अल-नबा तथा उसकी प्रोपेगेंडा मैगजीन दबीक का अनुसरण करता था। आरोपी का कहना था कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता और जंग-ए-जिहाद के जरिए शरीया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमलों के लिए प्रेरित करता था। वहीं गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच अभी जारी है।

 

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