मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Iran’s Next Generation Weapons, कभी भी बदल सकते हैं युद्ध का रुख

Sandesh Wahak Digital Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने पिछले कुछ सालों में अपनी सैन्य ताकत को तेजी से आधुनिक बनाया है। खास बात यह है कि उसने कई ऐसे एडवांस और नेक्स्ट जेनरेशन हथियार विकसित किए हैं (Iran’s Next Generation Weapons), जिनका अभी तक बड़े पैमाने पर युद्ध में पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ है। ईरान इन हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहा है और माना जा रहा है कि ये किसी भी समय युद्ध का रुख बदल सकते हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संभावित टकराव में ये हथियार गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

एडवांस मिसाइलों से बढ़ी ताकत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने हाल के वर्षों में कई ऐसे हथियार (Iran’s Next Generation Weapons) विकसित किए हैं, जो ध्वनि की गति से पांच गुना या उससे अधिक तेज हैं। ये मिसाइलें मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे आयरन डोम, पैट्रियट और एजिस को चकमा देने में सक्षम मानी जा रही हैं। कुछ हथियार ऐसे भी हैं जो सामान्य बमों जैसे दिखते हैं, लेकिन उनका असर कहीं ज्यादा घातक हो सकता है।

Sejjil और Fattah सीरीज बड़ा खतरा

Iran’s Next Generation Weapons में से Sejjil सीरीज की मिसाइलें, खासकर इसका एडवांस वर्जन, लंबी दूरी और बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी के कारण बेहद खतरनाक मानी जा रही हैं। वहीं Fattah-2 हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल को ईरान अपना “आखिरी कार्ड” मानता है, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर से अधिक और स्पीड Mach 13 से 15 तक बताई जाती है। यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती देने में सक्षम है।

Khorramshahr और Haj Qasem मिसाइलें

Khorramshahr-4 जैसी मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें भारी पेलोड और क्लस्टर वॉरहेड ले जाने की क्षमता रखती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान संभव है। वहीं Haj Qasem मिसाइल, जिसकी मारक क्षमता 450 से 2000 किलोमीटर तक है, को भी हाइपरसोनिक एलिमेंट्स के साथ अपग्रेड किया गया है। साल 2025-26 में इन मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल भी किया जा चुका है।

ड्रोन और नेवल वेपन्स से बढ़ सकता है खतरा

ईरान के पास Arash-2 जैसे लॉन्ग रेंज कामिकाजे ड्रोन भी हैं, जो अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुए हैं और दुश्मन के गहरे इलाकों को निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा एंटी-शिप मिसाइल्स और नेवल वेपन्स के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने की क्षमता भी ईरान के पास है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

प्रॉक्सी फोर्स के जरिए भी बढ़ सकता है संघर्ष

ईरान की रणनीति में प्रॉक्सी फोर्सेस का इस्तेमाल भी अहम माना जा रहा है। हिज्बुल्लाह, हूती और इराकी मिलिशिया जैसे समूह पहले से सीमित हमले कर रहे हैं, लेकिन उनके पास बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं। यदि ये पूरी तरह सक्रिय होते हैं तो संघर्ष कई मोर्चों पर फैल सकता है और स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बदल सकता है युद्ध का समीकरण

ईरान के पास तीन हजार से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों का स्टॉक बताया जा रहा है। हाल के हमलों में सैकड़ों मिसाइलों के इस्तेमाल के बावजूद उसके पास बड़ी संख्या में हथियार मौजूद हैं। साथ ही रूस और चीन से मिल रही मदद से उसकी सैन्य क्षमता और मजबूत हो रही है।

ईरान के इन एडवांस हथियारों (Iran’s Next Generation Weapons) और रणनीतियों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यदि संघर्ष बढ़ता है तो यह लंबा और अधिक घातक हो सकता है। मौजूदा हालात में इन नेक्स्ट जेनरेशन हथियारों का इस्तेमाल किसी भी समय युद्ध का पूरा समीकरण बदल सकता है।

 

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