संसद में आचरण को लेकर घमासान, 204 पूर्व अधिकारियों ने Rahul Gandhi पर उठाए सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: देश के 204 पूर्व सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने नागरिकों के नाम एक पत्र लिखकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनके सहयोगियों के हालिया संसद आचरण की कड़ी निंदा की है। इस पत्र के समन्वयक जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह घटना देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा और संवैधानिक नैतिकता के लिए चुनौती है।

संसद में आचरण पर उठे सवाल

दरअसल इस पत्र में उल्लेख किया गया है कि 12 मार्च को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा स्पीकर के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना की गई। आरोप है कि सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्कुट का सेवन किया, जिसे सर्वोच्च विधायी संस्था में अनुचित और असंसदीय व्यवहार माना गया है।

इस दौरान एसपी वैद ने कहा कि यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के मंदिर के प्रति घमंड और व्यक्तिगत विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस तरह के कृत्य संसद की कार्यवाही को बाधित करते हैं, जनता के बहुमूल्य समय को नष्ट करते हैं और लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं।

Rahul Gandhi से माफी की मांग

पूर्व अधिकारियों और जजों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को इस आचरण के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए। उनका मानना है कि इससे संसद की गरिमा, प्राधिकार और संस्थागत पवित्रता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति इस तरह का अनादर लगातार जारी रहता है तो इससे संसद की विश्वसनीयता कमजोर हो सकती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव भी प्रभावित हो सकती है। एसपी वैद ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे आचरण की निंदा करें और अपने लोकतांत्रिक संस्थानों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सतर्क रहें।

 

Also Read: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Iran’s Next Generation Weapons, कभी भी बदल सकते हैं युद्ध का रुख

Get real time updates directly on you device, subscribe now.