Kabul Hospital Attack पर भारत की दो टूक, पाकिस्तान को लगाई जमकर लताड़

Sandesh Wahak Digital Desk: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अस्पताल पर हुए हमले (Kabul Hospital Attack) को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारत ने साफ कहा है कि यह कोई सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाने वाला कायराना हमला है। भारत सरकार के अनुसार किसी भी परिस्थिति में अस्पताल को निशाना बनाना अमानवीय और अस्वीकार्य है।

हमले को बताया बर्बर और अमानवीय

भारत ने इस घटना (Kabul Hospital Attack) को बर्बर, कायराना और अमानवीय हिंसा करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मामले को ऑपरेशन बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर सकता है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह सीधा नागरिकों पर हमला है। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कोई मिलिट्री ऑपरेशन नहीं है और पाकिस्तान को इसके लिए जवाब देना होगा।

भारत ने कहा कि यह हमला केवल एक अस्पताल पर नहीं, बल्कि अफगानिस्तान की जमीन और उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और इसके लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। भारत ने यह भी कहा कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने में हुआ, जब शांति और मानवता का संदेश दिया जाता है, ऐसे समय में अस्पताल पर हमला और भी निंदनीय है।

हमले में 400 से ज्यादा लोगों की मौत

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस घटना (Kabul Hospital Attack) को हल्के में न लिया जाए और जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता जताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

जानकारी के अनुसार 16 मार्च की रात काबुल के ओमिद अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की गई, जिसमें 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई। यह अस्पताल नशा मुक्ति के इलाज के लिए जाना जाता था और यहां केवल मरीज मौजूद थे। इस हमले के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि इसका जवाब दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

अस्पताल पर हमला अस्वीकार्य

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अस्पताल पर हमला (Kabul Hospital Attack) किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता और इस तरह की घटनाओं को छिपाने की कोशिश भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और आने वाले समय में इसके गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

 

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