Lucknow News: शिक्षक मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश, लखनऊ को ज्ञापन सौंपकर शिक्षक मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी की शिकायत की है। पार्टी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वैध सूची जारी करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि जिन शिक्षक मतदाताओं के आवेदन पत्र अर्थात फॉर्म-19 को जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित नहीं किया गया है, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए जाएं और एक वैध मतदाता सूची जारी की जाए। इसके साथ ही फर्जी शिक्षकों को सूची में शामिल कराने वाले षड्यंत्रकारियों, निर्वाचन कर्मियों और अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संभव हो सके।

निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला
समाजवादी पार्टी ने अपने ज्ञापन में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनने के लिए आवेदन पत्रों का जिला विद्यालय निरीक्षक से प्रतिहस्ताक्षरित होना अनिवार्य है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित शिक्षक ने निर्धारित अवधि तक अध्यापन कार्य किया हो और वह पूर्णकालिक शिक्षक हो।

बड़ी संख्या में संदिग्ध पंजीकरण का आरोप
ज्ञापन में आगरा जनपद का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि शिक्षक निर्वाचन-2026 की अनंतिम सूची के प्रकाशन के बाद आपत्ति अवधि के दौरान 10389 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 7780 स्वीकृत कर लिए गए। इसके परिणामस्वरूप अंतिम सूची में कुल 16380 मतदाता पंजीकृत हुए। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक आगरा के अनुसार केवल 1689 आवेदन ही परीक्षण कर प्रतिहस्ताक्षरित किए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि बड़ी संख्या में बिना सत्यापन के शिक्षक मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे शिक्षक भी अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए हैं, जिन्हें अनंतिम सूची के प्रकाशन से पहले विभिन्न कारणों से जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसी प्रकार की गड़बड़ियों की संभावना अलीगढ़ और मथुरा जनपद में भी जताई गई है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रारंभिक प्रक्रिया से लेकर अब तक मंडलायुक्त आगरा को कई बार लिखित शिकायतें और आपत्तियां दी गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि षड्यंत्रकारी तत्वों और निर्वाचन कर्मियों के बीच मिलीभगत के कारण फर्जी शिक्षक मतदाता बनने में सफल हो गए, जो निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के विपरीत है और निष्पक्ष चुनाव में बाधा उत्पन्न करता है।
ज्ञापन सौंपते हुए श्री के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और श्री राधेश्याम सिंह ने इस पूरे प्रकरण में त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
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