यूपी में पोस्टर वॉर, हां… मैं हूं अवसरवादी पोस्टर से सपा ने ब्राह्मणों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अंबेडकरनगर के सपा नेता सिद्धार्थ मिश्रा द्वारा लगवाए गए इस पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘हां… मैं हूं अवसरवादी’। यह पोस्टर सीधे तौर पर हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित सवाल के विरोध में लगाया गया है।
हाल ही में हुई दरोगा भर्ती परीक्षा में एक हिंदी का सवाल पूछा गया था, अवसर के अनुसार बदल जाने वाला- इस वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनें। हैरानी की बात यह थी कि इसके विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द को भी शामिल किया गया था। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि यह जानबूझकर एक विशिष्ट समाज (ब्राह्मणों) को अपमानित करने और उन्हें ‘अवसरवादी’ बताने की साजिश है।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh | Hoarding with "Haan, Main Hoon Avsarwadi…" put up outside Samajwadi Party office by party leader Siddhartha Mishra from Ambedkar Nagar (17.03) pic.twitter.com/sJRmXqSsoG
— ANI (@ANI) March 17, 2026
अखिलेश यादव की ब्राह्मण सोशल इंजीनियरिंग
सपा की रणनीति अब सिर्फ ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इसमें प्रबुद्ध वर्ग (ब्राह्मणों) को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
माता प्रसाद पांडेय का दांव: अखिलेश यादव ने विधानसभा में माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाकर पहले ही साफ कर दिया था कि वे ब्राह्मण राजनीति को धार देंगे।
ओपिनियन मेकर पर नजर: उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज को ‘ओपिनियन मेकर’ माना जाता है। सपा चाहती है कि 2027 के चुनाव से पहले इस वर्ग की कथित नाराजगी को भुनाकर सत्ता की राह आसान की जाए।
सीएम योगी की सख्त हिदायत
विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी परीक्षा बोर्ड द्वारा धर्म, जाति, संप्रदाय या पंथ की भावनाओं को आहत करने वाले सवाल नहीं पूछे जाएंगे। सीएम ने पहले भी ‘घूसखोर पंडत’ जैसे फिल्म टाइटल्स पर आपत्ति जताई थी, जिस पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख दिखाया था।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उपचुनावों में भाजपा के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे के आगे सपा की प्लानिंग थोड़ी कमजोर पड़ी थी। अब सपा इस पोस्टर के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि वह हर वर्ग के सम्मान की लड़ाई लड़ रही है।

