बलरामपुर: मनरेगा में ‘फोटो’ का खेल! कागजों पर बनी चकमार्ग, प्रधान पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप
बलरामपुर: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मनरेगा’ और ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन’ का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुंचाना है। लेकिन जनपद बलरामपुर के विकासखंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत गुलरिहा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि पर जालसाजी और कूट रचित तरीके से सरकारी धन का बंदरबांट करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
कागजों पर निर्माण, धरातल पर सन्नाटा
जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, गाटा संख्या 210/0.5710 हेक्टेयर स्थित खलिहान से मुस्तकीम के खेत तक और हबीब के खेत से शबन के खेत तक चकमार्ग निर्माण का कार्य केवल कागजों पर हुआ है। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने एक ही लोकेशन पर अलग-अलग फोटो खिंचवाकर और फर्जी तरीके से लोगों को खड़ा कर मनरेगा पोर्टल पर अपलोड कर दिया। हकीकत यह है कि उस स्थान पर कोई निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है।
बाहर रहने वालों को ‘दिला दिया’ गांव में रोजगार
शिकायतकर्ता अब्दुल मोईद खां का आरोप है कि मास्टर रोल में उन व्यक्तियों के नाम दर्ज किए गए हैं, जो लंबे समय से गांव में हैं ही नहीं। रोजी-रोटी के चक्कर में दूसरे शहरों/राज्यों रहने वाले लोगों के नाम पर मस्टर रोल भरकर उनके हक का पैसा निकाला जा रहा है। यह सीधे तौर पर ‘विकसित भारत’ के उस सपने को चोट पहुंचाना है जहां पारदर्शी रोजगार की बात कही जाती है।
ग्रामीणों की जुबानी: “हमें डराया जा रहा है”
शिकायत के बाद गांव में माहौल गर्म है। ग्रामीणों ने बताया, “साहब, जिस रास्ते के निर्माण की बात कही जा रही है, वहां एक फावड़ा भी नहीं चला है। ये सब ऑनलाइन का खेल है। फोटो खींचकर डाल दिया जाता है और पैसा सीधे प्रधान और अधिकारियों की मिलीभगत से निकाल लिया जाता है।”
ग्रामीणों का कहना है, “प्रधान और उनके प्रतिनिधि रसूख वाले लोग हैं। जब हम सवाल उठाते हैं, तो हमें डराया-धमकाया जाता है। गांव के लोग डर के मारे चुप रहते हैं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर चला गया है। अगर निष्पक्ष जांच हो जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
भ्रष्टाचार के विरुद्ध आर-पार की जंग
शिकायतकर्ता अब्दुल मोईद खां ने साक्ष्यों के तौर पर मनरेगा वेबसाइट की फर्जी फोटो, जीपीएस लोकेशन वाली असली फोटो और मास्टर रोल की छायाप्रति संलग्न की है। प्रार्थना पत्र में स्पष्ट मांग की गई है कि मामले की जनपद स्तरीय उच्चाधिकारियों से जांच कराई जाए और सरकारी धन का गबन करने वाले दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
वहीं, इस मामले पर तुलसीपुर ब्लॉक के बीडीओ सुनील आर्य का कहना है कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाकर अब्दुल मोईद के द्वारा शिकायत कयय गया है। जांच की जा रही है। यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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