शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2500 अंक टूटा, निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूबे
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को हाहाकार मच गया। लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद बाजार धड़ाम से नीचे गिर पड़ा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के फैसले ने निवेशकों का हौसला पस्त कर दिया। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी 3 प्रतिशत से भी ज्यादा टूट गए।
सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम
कारोबार के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स: 3.26% यानी 2496.89 अंक गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ। इंट्रा-डे के दौरान तो इसने 2,753 अंकों तक का गोता लगाया था।
निफ्टी: 3.26% यानी 775.65 अंक की गिरावट के साथ 23,002.15 के स्तर पर सिमट गया।
बाजार में इस चौतरफा बिकवाली का असर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स पर भी दिखा, जो करीब 3% तक नीचे गिर गए।
निवेशकों की जेब पर भारी चपत
बाजार में आई इस सुनामी ने निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुँचाया है। बीएसई (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहले के 438 लाख करोड़ रुपये से घटकर लगभग 426 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी महज एक दिन में निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बाजार के सभी सेक्टोरल इंडेक्स आज भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा मार: निफ्टी ऑटो (4.25%) पर पड़ी।
अन्य गिरावट: रियल्टी (3.81%), फाइनेंशियल सर्विसेज (3.78%), आईटी (3.31%) और मेटल (3.24%) में भी बड़ी बिकवाली रही। निफ्टी-50 के 50 शेयरों में से 49 शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए।
टॉप लूजर्स: श्रीराम फाइनेंस (6.71%), इटरनल (5.38%) और एचडीएफसी बैंक (5.11%) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयर भी पिटे। इस पूरी गिरावट के बीच केवल ONGC का शेयर 1.55% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा।
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