कांग्रेस का योगी सरकार पर बड़ा हमला, अजय राय ने भ्रष्टाचार, सूदखोरी और किसानों की बदहाली पर घेरा

Lucknow News: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आज मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नवनिर्माण के दावे पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से 9 ऐसे मुद्दे रखे, जो सरकार की विफलता और प्रदेश की बदहाली की कहानी बयां करते हैं। इस दौरान उनके साथ मीडिया चेयरमैन डॉ. सीपी राय और आगरा से आए पीड़ित किसान भी मौजूद रहे।

अजय राय ने सबसे पहला हमला लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर पर किया। उन्होंने कहा कि 1519 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क उद्घाटन के अगले ही दिन धंस गई, जो सरकारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है।

सूदखोरी का मकड़जाल और आत्महत्याएं

प्रदेश में बढ़ते सूदखोरी के मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने फतेहपुर का उदाहरण दिया, जहाँ 5 लाख के बदले 27 लाख देने के बाद भी एक परिवार को आत्महत्या करनी पड़ी। उन्होंने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के नारे को खोखला बताया। साथ ही, मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी के चलते मोहनलालगंज के रोजगार सेवक रमेश प्रजापति की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपने कर्मचारियों को सुरक्षा देने में नाकाम है। उन्होंने बदायूं के HPCL प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सत्ताधारी विधायक के करीबी शामिल हैं। पिछले तीन दिनों में गोरखपुर, कानपुर, बरेली और भदोही में हुई जघन्य हत्याओं और दुष्कर्म की घटनाओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगलराज व्याप्त है।

किसानों की बदहाली पर आगरा के किसान नेता मुकेश डागुर ने बताया कि आलू की बुआई लागत 1200-1500 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बिक्री मात्र 200-300 रुपये में हो रही है। यूरिया की कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

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सहकारी बैंकों की लूट की दास्तान

प्रेस वार्ता में आगरा के कई किसान अपनी व्यथा सुनाने पहुंचे। आगरा के राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि बैंक किसानों के साथ सूदखोरों जैसा व्यवहार कर रहा है।

अतर सिंह: 2.88 लाख का लोन लिया, 4.98 लाख जमा किए, फिर भी 20 लाख की देनदारी निकाल दी गई।

सुनील (सैया ब्लॉक): 1 लाख के लोन के बदले 6.5 लाख की देनदारी और कुर्की की धमकी से आहत होकर किसान ने आत्महत्या कर ली। ऐसे कई अन्य उदाहरणों के माध्यम से बैंक अधिकारियों और दलालों के गठजोड़ का पर्दाफाश किया गया।

शिक्षा व्यवस्था का काला चेहरा

अजय राय ने पीलीभीत के एक स्कूल का वीडियो दिखाया जहाँ बच्चियों से मिड-डे मील बनवाया जा रहा था। वहीं मेरठ के एक स्कूल में 10 क्विंटल गेहूं सड़ने का मामला भी सामने रखा। अजय राय ने अंत में कहा कि इन 9 वर्षों में न युवाओं को रोजगार मिला, न महिलाओं को सुरक्षा और न ही किसानों को उनकी उपज का दाम। प्रदेश का हर वर्ग इस सरकार की नीतियों से त्रस्त है।

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