सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में ‘संजीवनी’ बना 40,000 का फ्री इंजेक्शन, अब तक 4 हार्ट अटैक मरीजों की बची जान

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) हृदयाघात (हार्ट अटैक) के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। शासन की मंशा के अनुरूप, अब अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में ₹40,000 की बाजार कीमत वाला जीवनरक्षक इंजेक्शन ‘टेनेक्टेप्लाज’ (Tenecteplase) और ‘स्ट्रेप्टोकाइनेज’ पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

उपलब्धियां और डेटा (जनवरी 2026 से अब तक)

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ० राजेश मोहन द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक इमरजेंसी वार्ड के आईसीयू में 150 से अधिक गंभीर मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है। विशेष रूप से हार्ट अटैक के 4 मरीजों को यह महंगा जीवनरक्षक इंजेक्शन लगाकर मौत के मुंह से बाहर निकाला गया है। यह इंजेक्शन हृदय की रक्त वाहिकाओं में बने थक्के (Clot) को तत्काल घोलकर रक्त संचार को सुचारू कर देता है।

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में 'संजीवनी' बना 40,000 का फ्री इंजेक्शन, अब तक 4 हार्ट अटैक मरीजों की बची जान

‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व और सरकारी समीक्षा

गत 18 मार्च 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में ‘स्टेमी’ (STEMI) केयर नेटवर्क की प्रगति पर चर्चा की गई। डॉ० राजेश मोहन ने ‘गोल्डन ऑवर’ की महत्ता पर जोर देते हुए बताया।

हार्ट अटैक के पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) के भीतर इंजेक्शन लगने से मरीज की स्थिति स्थिर हो जाती है। स्थिति स्थिर होने के बाद मरीज को सुरक्षित रूप से बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है, जिससे रास्ते में जान जाने का जोखिम कम हो जाता है।

जनता के लिए राहत

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए ₹40,000 का इंजेक्शन वहन करना कठिन होता था, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन की इस पहल से जनपद में त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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