मेरठ और अलीगढ़ में एंटी करप्शन टीम का छापा, गन्नाधिकारी और नगर पालिका क्लर्क घूस लेते गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के सख्त निर्देशों का असर जमीन पर दिखने लगा है। आज बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), उत्तर प्रदेश की मेरठ और अलीगढ़ इकाइयों ने दो अलग-अलग जनपदों में जाल बिछाकर दो सरकारी कारिंदों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
गन्ना क्रय केंद्र के नाम पर मांग रहे थे ‘सुविधा शुल्क’
मेरठ इकाई को बागपत के चाँदीनगर निवासी विशेष कुमार ने शिकायत दी थी कि राजदीप वालियान, मुख्य गन्नाधिकारी (बागपत कोऑपरेटिव चीनी मिल), गन्ना क्रय केंद्र आवंटित करने के बदले अवैध धनराशि की मांग कर रहे हैं। निरीक्षक कैलाश चन्द्र के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी की। मुख्य गन्नाधिकारी राजदीप वालियान को कार्यालय से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। आरोपी मूल रूप से मुजफ्फरनगर का निवासी है।
‘प्रधानमंत्री आवास’ के नाम पर गरीबों का शोषण
दूसरी ओर, अलीगढ़ इकाई ने हाथरस में कार्रवाई की। यहाँ महेश्वरी कॉलोनी की रहने वाली सुमन ने शिकायत की थी कि नगर पालिका परिषद की क्लर्क सोनिया सिंह, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (शहरी) के ऑनलाइन आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए घूस मांग रही हैं। निरीक्षक अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने नगर पालिका कार्यालय के कक्ष संख्या-05 में जाल बिछाया। महिला क्लर्क सोनिया सिंह को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
भ्रष्टाचार मुक्त यूपी का संकल्प
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों में आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थानों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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