800 करोड़ का क्रिप्टो स्कैम: UP STF ने सहारनपुर से दबोचा ठगों का बड़ा सरगना, देश भर में फैला था जाल
सहारनपुर के रेस्टोरेंट से दबोचा गया मास्टरमाइंड जतीन्द्र राम, देश भर में फैला था 3500 एजेंटों का जाल, दुबई और मॉरीशस तक जुड़े हैं तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा (Forex) में निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की आगरा फील्ड इकाई ने इस गिरोह के सरगना जतीन्द्र राम को सहारनपुर के एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह ‘SEA PRIME CAPITAL’ नाम की कंपनी के जरिए अब तक लगभग 800 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा कर चुका है।
सहारनपुर में बिछाया गया जाल
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के थाना मसूरी में वांछित और करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला मुख्य अभियुक्त सहारनपुर के कोलाबा रेस्टोरेंट में मौजूद है। 8 अप्रैल 2026 की रात लगभग 8 बजे एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर जतीन्द्र राम को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एसटीएफ आगरा यूनिट के निरीक्षक आकाश सिंह और उनकी टीम द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक राकेश के पर्यवेक्षण में की गई।
ठगी का ‘इंटरनेशनल’ मॉडल: MT-5 एप का खेल
पूछताछ में जतीन्द्र राम ने ठगी के चौंकाने वाले तौर-तरीकों का खुलासा किया। गिरोह ने ‘सी-प्राइम कैपिटल’ नाम की कंपनी को एक यूरोपियन आइलैंड पर वर्चुअल तरीके से रजिस्टर कर रखा था। निवेश के लिए ‘MT-5’ नाम के एक अवैध एप का इस्तेमाल किया जाता था, जिसका पूरा कंट्रोल गिरोह के पास था। निवेशकों को एप पर उनकी आईडी बनाकर फर्जी लाभ दिखाया जाता था। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में कुछ रिटर्न भी दिया जाता था ताकि लोग और ज्यादा पैसा निवेश करें। निवेशकों से 50 हजार रुपये से लेकर लाखों रुपये तक का फंड नकद लिया जाता था।
हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग: दुबई-मॉरीशस में खरीदी संपत्ति
जतीन्द्र ने बताया कि भारत से ठगे गए पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर दुबई और मॉरीशस के विदेशी खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस पैसे से विदेशों में स्थानीय मुद्रा में संपत्ति खरीदी जाती थी ताकि भारत में जांच होने पर जब्ती से बचा जा सके। भारत में काले धन को सफेद (Legal) करने के लिए कई शैल कंपनियां और बोगस फर्म बनाई गई थीं।
30 हजार आईडी और 3500 एजेंटों का नेटवर्क
गिरोह का नेटवर्क इतना बड़ा है कि देश भर में 3500 से अधिक एजेंट सक्रिय हैं। अब तक करीब 30,000 आईडी बनाकर लोगों को चूना लगाया जा चुका है। इस गिरोह में मोहित राणा, गौरव सिंह और गीता हजारिका जैसे मुख्य सहयोगी शामिल हैं, जिनकी तलाश में एसटीएफ छापेमारी कर रही है।
विधिक कार्रवाई
गिरफ्तार अभियुक्त जतीन्द्र राम के विरुद्ध थाना मसूरी (गाजियाबाद) में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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