कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़ TVK से मिलाया हाथ, मणिशंकर अय्यर ने बताया घातक कदम
Sandesh Wahak Digital Desk: तमिलनाडु के सियासी गलियारे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस ने दशकों पुराने द्रविड़ गठबंधन को दरकिनार करते हुए अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने की घोषणा कर दी। कांग्रेस के इस अप्रत्याशित कदम की चौतरफा निंदा हो रही है। विपक्षी दलों के साथ-साथ खुद पार्टी के दिग्गज नेता इस फैसले से असहमत हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में पुराने साथियों का हाथ छोड़ना नैतिक रूप से सही नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने नेतृत्व के इस निर्णय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे घटिया राजनीतिक अवसरवादिता करार देते हुए चेतावनी दी कि यह कदम भाजपा के लिए राज्य में पिछले दरवाजे से प्रवेश का रास्ता साफ कर सकता है। अय्यर के अनुसार, यह कांग्रेस द्वारा अपने ही गोलपोस्ट में किया गया अब तक का सबसे बुरा सेल्फ गोल साबित होगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जिन सीटों पर कांग्रेस और टीवीके आमने-सामने चुनाव लड़े, वहां चुनाव खत्म होते ही हाथ मिला लेना समझ से परे है।
सत्ता की इस खींचतान के बीच तमिलनाडु में एक बार फिर ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की झलक देखने को मिल रही है। AIADMK ने अपने 40 विधायकों को एकजुट रखने के लिए पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। सूत्रों की मानें तो टीवीके को समर्थन देने की संभावनाओं को लेकर एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के बीच गहन मंथन चल रहा है।

