यूपी एसटीएफ ने फेसबुक पर प्रेमिका बन करोड़ों की ठगी करने वाले नाइजीरियाई को दिल्ली से दबोचा

Lucknow News: सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाने और फिर कस्टम क्लियरेंस के नाम पर करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय ठगी करने वाले एक बड़े नाइजीरियाई गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन चलाकर इस गिरोह के एक मुख्य सदस्य को दक्षिण दिल्ली के खानपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पहले भी मध्य प्रदेश में इसी तरह के साइबर अपराध में चार साल की जेल काट चुका है।

3 करोड़ के पाउंड का लालच और 68 लाख की चपत

एसटीएफ के मुताबिक, ठगी का यह अंतरराष्ट्रीय खेल बेहद शातिराना तरीके से खेला जा रहा था। गिरोह के निशाने पर लखनऊ के डालीगंज का एक युवक आया। अगस्त 2025 में फेसबुक पर डोरिस विलियम’ नाम की एक फर्जी आईडी से युवक को दोस्ती और प्यार के जाल में फंसाया गया। इसके बाद आरोपी ने भारत आने की बात कही और सितंबर 2025 में दावा किया कि वह करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के पाउंड लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुकी है।

इसके तुरंत बाद युवक के पास एक कथित कस्टम अधिकारी का फोन आया, जिसने कहा कि विदेशी महिला के पास भारी मात्रा में विदेशी कैश है, जिसे छुड़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी देनी होगी। झांसे में आकर युवक ने शुरुआत में 61,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जीएसटी, इनकम टैक्स और अन्य फर्जी चार्ज के नाम पर जनवरी 2026 तक पीड़ित से करीब 40 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। हद तो तब हो गई जब एक फर्जी रेमिटेंस ऑफिसर बनकर आए ठग ने डूबा हुआ पैसा वापस दिलाने का झांसा देकर 28 लाख रुपये और जमा करा लिए। इस तरह युवक से कुल 68 लाख रुपये ठग लिए गए। धोखा होने का अहसास होने पर पीड़ित ने लखनऊ के मदेयगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) विशाल विक्रम सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने तकनीकी छानबीन और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी नाइजीरियाई नागरिक उचेनवा (उम्र 49 वर्ष) को दिल्ली के नेब सराय थाना क्षेत्र से दबोच लिया। आरोपी के पास से 3 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कुबूल किया कि वह साल 2010 में गारमेंट बिजनेस के सिलसिले में भारत आया था। धंधे में घाटा होने के बाद दिल्ली में रह रहे उसके देश के अन्य शातिरों ने उसे सोशल मीडिया के जरिए ठगी के इस शॉर्टकट रास्ते पर धकेल दिया।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने देश के कई राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है। पकड़े गए आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की जांच की जा रही है, जबकि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। फिलहाल आरोपी के खिलाफ मदेयगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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