सपा सांसद प्रिया सरोज की AI तस्वीरें वायरल, BJP नेता समेत दो के खिलाफ FIR दर्ज
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई आपत्तिजनक और फर्जी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में गंभीर कार्रवाई की गई है।
सांसद की शिकायत पर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी समेत दो लोगों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
सांसद प्रिया सरोज ने बुधवार को जौनपुर साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और एक महिला जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की साजिश रची गई।
शिकायत के मुताबिक, उनके मंगेतर और भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ AI तकनीक से नकली, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक तस्वीर तैयार कर साझा की गई।
दो आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह और अधिवक्ता विशाल सिंह ने अपनी सोशल मीडिया आईडी से उक्त फर्जी तस्वीरें पोस्ट और साझा की थीं।
सांसद ने पोस्ट के URL और स्क्रीनशॉट के साथ लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुल 12 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
‘ऐसे आचरण को हल्के में नहीं लिया जा सकता’
अपनी शिकायत में सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि वह एक निर्वाचित संसद सदस्य हैं और सार्वजनिक जीवन में किसी महिला प्रतिनिधि को इस तरह निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है।

ऐसे कृत्यों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से समाज में स्पष्ट संदेश जाना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद प्रिया सरोज ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “नकली तस्वीर, नाकाम साजिश… भाजपा फिर से नाकाम।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर AI जेनरेटेड फर्जी तस्वीरें फैलाकर झूठा माहौल बनाने और बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने इस कृत्य को राजनीतिक हताशा और घबराहट करार दिया।
फिलहाल, जौनपुर पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। केस दर्ज होने के बाद भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह ने संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया से डिलीट कर दी है।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

