अभिषेक बनर्जी के गढ़ में TMC की करारी हार, फलता से BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा 1 लाख से अधिक वोटों से जीते
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल फलता विधानसभा सीट पर रविवार को हुई मतगणना के नतीजे बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी और इलाके में पुष्पा के नाम से मशहूर जहांगीर खान को यहाँ करारी हार का सामना करना पड़ा है।
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एकतरफा मुकाबले में 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। दिलचस्प बात यह है कि जहांगीर खान ने 21 मई को हुए दोबारा मतदान से ठीक पहले मैदान छोड़ दिया था, लेकिन तकनीकी कारणों से ईवीएम में उनका नाम होने की वजह से उन्हें 7 हजार से ज्यादा वोट मिले और वह चौथे पायदान पर खिसक गए।
चुनाव आयोग ने कराया था दोबारा मतदान
डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फलता सीट को टीएमसी का मजबूत किला माना जाता रहा है। मुख्य चुनाव के दौरान यहाँ कई बूथों पर गंभीर धांधली के आरोप लगे थे, जहाँ ईवीएम पर भाजपा के चुनाव चिह्न के ऊपर टेप चिपकाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। भाजपा की आधिकारिक शिकायत का संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने पूर्व में हुए मतदान को रद्द कर 21 मई को पूरी सीट पर नए सिरे से वोटिंग कराने का आदेश दिया था।
जहांगीर खान पूरे चुनाव के दौरान अपनी ‘पुष्पा’ वाली छवि और झुकेगा नहीं” वाले बयानों को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बने हुए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के साथ एक विवाद के दौरान कहा था कि अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूँ। हालांकि, दोबारा चुनाव की घोषणा होते ही उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का एलान कर दिया था। वक्त निकल जाने के कारण उनका नाम मतपत्र से नहीं हटाया जा सका, जिसके चलते वह सीपीआईएम और कांग्रेस उम्मीदवारों से भी पीछे रह गए।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जताया जनता का आभार
भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की इस बंपर जीत पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुशी जाहिर करते हुए टीएमसी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “बदनाम ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ अब ‘तृणमूल के नुकसान’ का मॉडल बन चुका है। मैं फलता की देवतुल्य जनता के सामने नतमस्तक हूँ, जिन्होंने भाजपा को इतना बड़ा जनादेश दिया। मैंने एक लाख वोटों के अंतर की अपील की थी और जनता ने जीत का अंतर 1.08 लाख से भी ज्यादा कर दिया। हम ‘स्वर्णिम फलता’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
अभिषेक बनर्जी ने लगाए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
दूसरी तरफ, अपनी साख वाली सीट पर मिली इस हार के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 राउंड की गिनती पूरी कैसे हो गई, जबकि 4 मई को इसी समय तक महज 2 से 4 राउंड की काउंटिंग हो पाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में फलता के 1000 से अधिक टीएमसी कार्यकर्ताओं को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद पार्टी दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई, जिस पर आयोग मूकदर्शक बना रहा।

