लखनऊ में विधानभवन और बापू भवन समेत कई प्रमुख जगहों की हुई थी रेकी, NIA की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को सिलसिलेवार आतंकी हमलों से दहलाने की एक बेहद खौफनाक और सुनियोजित साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दिल्ली के लालकिला के पास हुए कार बम विस्फोट मामले की तफ्तीश के दौरान यह चौंकाने वाला इनपुट मिला है। जांच में सामने आया है कि इस मामले के आरोपी दिल्ली के बाद लखनऊ में भी किसी बड़े आत्मघाती या सिलसिलेवार धमाके को अंजाम देने की फिराक में थे। इसके लिए उन्होंने शहर के कई अति-संवेदनशील और वीआईपी ठिकानों की बाकायदा रेकी भी पूरी कर ली थी।
एनआईए की जांच रिपोर्ट के अनुसार, आतंकियों के रडार पर लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवन और भारी भीड़भाड़ वाले बाजार थे। साजिशकर्ताओं ने मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के विधानभवन, बापू भवन, ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र अमीनाबाद को अपने निशाने पर लिया था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों को चुनने के पीछे का मुख्य मकसद सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र को चुनौती देना और आम जनता के बीच भारी दहशत पैदा करना था।
फरीदाबाद से आकर रिश्तेदार के घर रची गई साजिश
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरी साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए गिरोह के दो मास्टरमाइंड डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद 25 से 30 अगस्त, 2025 के बीच हरियाणा के फरीदाबाद से लखनऊ आए थे। दोनों आरोपी यहाँ शाहीन के एक करीबी रिश्तेदार के घर पर ठहरे थे। इसी प्रवास के दौरान मुजम्मिल ने शहर के अलग-अलग कोनों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, नक्शे तैयार किए और हमलों के लिए संभावित टारगेट्स की निशानदेही की।
बम बनाने के लिए सेफ हाउस की तलाश में थे आरोपी
एनआईए सूत्रों के मुताबिक, रेकी करने के साथ-साथ दोनों आरोपी लखनऊ के आस-पास या बाहरी इलाकों में किसी ऐसी सुनसान और एकांत जगह (सेफ हाउस) की तलाश में थे, जहां बिना किसी की नजर में आए भारी मात्रा में बारूद और घातक विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की जा सके और बम तैयार किए जा सकें। उनकी यह प्लानिंग बेहद शातिराना और कई स्तरों पर बंटी हुई थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस पूरे मामले में बीती 14 मई को अदालत के समक्ष 7,500 पन्नों का एक बेहद विस्तृत और पुख्ता आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है। इसी चार्जशीट में लखनऊ को निशाना बनाने की साजिश, संदिग्धों की मूवमेंट और उनकी रेकी की टाइमलाइन का सिलसिलेवार ब्यौरा दर्ज है। इस बड़े खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। फिलहाल, एनआईए और स्थानीय पुलिस इन आरोपितों के स्थानीय संपर्कों, स्लीपर सेल्स और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने वाले अन्य मददगारों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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