अफवाहों में न आएं, जरूरत अनुसार ही खरीदें डीजल: डीएम
Siddharthnagar News: वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर फैल रही अफवाहों के बीच सिद्धार्थनगर जनपद में डीजल के अवैध संग्रहण की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ने लगी है। खासकर ग्रामीण इलाकों और किसान वर्ग द्वारा बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर घरों व खेतों में जमा करने की खबरों को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने आमजन से इन अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही डीजल खरीदने की सख्त अपील की है।
ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण कानूनन अपराध
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति के डीजल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ का अनियंत्रित और अवैध संग्रहण करना न केवल कानून का खुला उल्लंघन है, बल्कि यह बेहद आत्मघाती भी है। घरों या खेतों में भारी मात्रा में ईंधन जमा करने से कभी भी गंभीर अग्निकांड या अन्य बड़ी जानलेवा दुर्घटनाएं घटित हो सकती हैं।
पेट्रोलियम अधिनियम के तहत कार्रवाई: डीएम ने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस या अनुमति के बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों का भंडारण करना ‘पेट्रोलियम अधिनियम’ के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्रशासन शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, आपूर्ति ठप होने की झूठी आशंका के चलते लोग जरूरत से ज्यादा डीजल खरीद रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की होर्डिंग (जमाखोरी) से बाजार में ईंधन का ‘कृत्रिम संकट’ पैदा हो सकता है, जिससे उन जरूरतमंद किसानों और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जिन्हें वास्तव में रोजमर्रा के काम के लिए डीजल की जरूरत है।
घबराने की जरूरत नहीं, पर्याप्त है स्टॉक: डीएम ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनपद में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन लगातार तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। आमजन को पैनिक (घबराने) होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।

पेट्रोल पंपों की होगी सतत निगरानी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को फील्ड पर उतरने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की सतत निगरानी करने को कहा गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति या सिंडिकेट दुरुपयोग की नीयत से डीजल-पेट्रोल का अवैध संग्रहण करते हुए पाया जाता है, तो उसे तत्काल चिन्हित कर उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट- जाकिर खान
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