Ghaziabad News: सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर

Ghaziabad News: गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान (17 वर्ष) की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने रविवार तड़के एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। पुलिस ने महज कुछ घंटों पहले ही शनिवार को शातिर असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि रविवार तड़के करीब 4 बजे वसुंधरा इलाके में पुलिस और स्वाट टीम ने घेराबंदी की थी। मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि असद शहर से भागने के लिए पैसे जुटाने अपने एक दोस्त के पास आ रहा है।

मोटरसाइकिल से आ रहे असद को पुलिस ने जब रोकने की कोशिश की, तो उसने टीम पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में असद को गोली लगी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है, जबकि असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।

8 महीने पुराने विवाद का खौफनाक बदला

यह दिल दहला देने वाली वारदात बकरीद के दिन अंजाम दी गई थी। नवनीत विहार के रहने वाले छात्र सूर्या चौहान को असद ने फोन कर गली नंबर-2 में केले के गोदाम के पास बुलाया था। प्रत्यक्षदर्शी दोस्त के मुताबिक, वहां पहुंचते ही असद ने बेहद क्रूरता से सूर्या से पूछा- क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आज बकरीद है, आओ तुम्हें दिखाते हैं। जब सूर्या ने इसका विरोध किया और वहां से भागने की कोशिश की, तो असद और उसके चार अन्य साथियों ने उसे घेर लिया और पेट में चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। नोएडा के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए शुक्रवार को सूर्या ने दम तोड़ दिया था। इस नृशंस हत्या की वजह 8 महीने पुराना एक मामूली विवाद था, जिसमें सूर्या ने असद की किसी अन्य लड़के से हो रही लड़ाई के बीच बीच-बचाव कर दिया था।

मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के कारण शनिवार को गाजियाबाद में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। उग्र हिंदू संगठनों और पीड़ित परिजनों समेत 500 से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए थे। ‘मौत के बदले मौत’ और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया था। एकलौते बेटे को खो चुकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था। करीब 10 घंटे चले भारी हंगामे और पुलिस के कड़े आश्वासन के बाद शनिवार शाम 6 बजे दिल्ली के गाजीपुर श्मशान घाट में भारी सुरक्षा के बीच सूर्या का अंतिम संस्कार किया गया।

इस घटना की गूंज लखनऊ के सियासी गलियारों तक भी पहुंची। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सख्त हिदायत दी थी कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई थी। कानून-व्यवस्था के इस गंभीर मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूबे के सभी जिलाधिकारियों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक भी बुलाई थी, जिसके बाद पुलिस ने रविवार सुबह यह बड़ी कार्रवाई की।

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